जय हरीतिमा महिला समिति की सदस्यों ने सीखी चटनी, अचार और शर्बत बनाने की कला

राजधानी रायपुर की जय हरीतिमा महिला समिति की घरेलू और काम-काजी महिलाओं ने दो दिन तक चटनी, अचार, शर्बत और जैम बनाने की कला सीखी। समिति की सदस्य महिलाओं को 16 और 17 फरवरी को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशालय विस्तार सेवाएं कार्यालय में प्रशिक्षण दिया गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों की पत्नियां तथा विश्वविद्यालय में कार्यरत महिला अधिकारी इस समिति की सदस्य हैं। जय हरीतिमा महिला समिति की अध्यक्ष इंजीनियर श्रीमती सपना पाटिल प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं। निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एम.के. ठाकुर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
प्रशिक्षण में समिति की 30 सदस्यों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान जैम, विभिन्न प्रकार के शर्बत, तिल की सूखी चटनी, टमाटर की सॉस और अचार, सब्जियों के अचार, टमाटर की खट्टी-मिट्टी चटनी, सोया मिल्क और टोफू आदि बनाने का प्रशिक्षण गृह वैज्ञानिक डॉ. नीता खरे, डॉ. ज्योति भट्ट और डॉ. कर्मणा पाण्डेय द्वारा दिया गया। सदस्यों को फलों और सब्जियों के परिरक्षण में सभी उत्पाद बनाते समय ध्यान देने योग्य बातों के बारे में विशेष तौर पर जानकारी दी गयी, ताकि ये उत्पाद लम्बे समय तक सुरक्षित रह सकें। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एम.के. ठाकुर ने मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण विषय पर महिलाओं को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत हो सकती हैं। मशरूम के पौष्टिक और औषधि गुणों के बारे में भी विस्तार से सदस्यों को बताया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशालय विस्तार सेवाएं के वैज्ञानिक डॉ. के.के. श्रीवास्तव और डॉ. एस.एस. टुटेजा भी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय की तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की महिला कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कृषि वैज्ञानिक एवं जय हरीतिमा महिला समिति की सचिव डॉ. दीप्ति झा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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