जिसने कभी किकी चैलेंज नहीं किया, उसे पुलिस ने मरा हुआ बता दिया

जयपुर। कोची के रहने वाले जवाहर सुभाष चंद्र सदमे में भी हैं और साथ ही उनकी हंसी भी नहीं रूक रही। बुधवार को जवाहर को पता चला कि एक जयपुर पुलिस ने एक एड कैम्पेन चलाया है जिसमें उन्हें ‘मृत’ व्यक्ति के रूप में पेश किया है जो कि किकी चैलेंज करते हुए अपनी जान गंवा देता है। इस एड में जवाहर की तस्वीर पर माला चढ़ा रखी है।

जवाहर के इस फोटो के साथ जयपुर पुलिस का किकी चैलेंज के खिलाफ पहल सभी टीवी चैनल्स और अन्य मीडिया पर दिखाया गया जिसमें किकी चैलेंज के खतरे की चेतावनी दी गई। इस चैलेंज में चलती कार से उतर कर उस कार के साथ चलते हुए अमेरिकन रैपर ड्रेक के गाने ‘इन माय फीलिंग्स’ पर डांस करना होता है।

30 साल के जवाहर ने कहा, ‘मंगलवार रात को उनकी पत्नी के पास व्हाट्स ऐप मैसेज आया। हममें से किसी ने मैसेज नहीं देखा। बुधवार सुबह जब मैं ऑफिस गया तो मुझे कॉल आना शुरू हो गए जो कि सालों से संपर्क में नहीं थे। तब मुझे इस एड के बारे में पता चला।’

वे कहते हैं कि यह सब होने के पहले मुझे किकी चैलेंज के बारे में ज्यादा कोई आइडिया नहीं था। मैंने लोगों को डांस करते हुए व्हाट्स पर फनी वीडियो देखे थे लेकिन इस चैलेंज के बारे में तब तक आइडिया नहीं था जब तक कि मैंने अपनी तस्वीर पर हार चढ़ा हुआ नहीं देखा। लेकिन अब मैं ड्रेक और किकी चैलेंज के बारे में सब जान गया हूं। मुझे आश्चर्य है कि पुलिस विभाग ने कैसे अपने ऑफिशियल कैम्पेन में मेरी तस्वीर चुन ली। मैं तो कभी जयपुर भी नहीं गया।

जवाहर को अब पता चल गया है कि जयपुर पुलिस ने कैसे उनके फोटो को जयपुर पुलिस ने कैम्पेन का चेहरा बना लिया। वे कहते हैं, ‘ये फोटो 10 साल पुराना है और मेरे साले ने लिया था जो कि एक एड फोटोग्राफर है। यह तस्वीर शटरस्टॉक में चली गई और मुझे लगता है कि पुलिस ने उसे वहीं से उठाया है।’

जयपुर पुलिस के कमिशनर संजय अग्रवाल ने पुष्टि की है कि यह तस्वीर शटरस्टॉक की ही है। इस कैम्पेन में शामिल एड एजेंसी ने इस फोटो को चुना था। इसके लिए भुगतान भी किया और यह लीगल है।