जोशी बने आरसीए के कप्तान, मोदी भी उपकप्तान से कम नहीं

पूर्व आईपीएल कमिश्नर व वर्तमान राजस्थान क्रिकेट संघ के अध्यक्ष ललित मोदी के युग का शुक्रवार को अंत हो गया। बहुप्रतिक्षित आरसीए के चुनाव में कांग्रेस के दिग्ग्ज नेता सीपी जोशी ने रुचिर मोदी को हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा कर लिया। जोशी पूर्व में भी आरसीए के चेयरमैन रहें है। फिलहाल आरसीए को बीसीसीआई ने बैन किया हुआ है।
चुनाव परिणाम के अनुसार सीपी जोशी को कुल 33 जिला संघों में से 19 जिला संघों का मत मिले है और रुचिर को केवल 14 संघों के। ऐसे
में जोशी ने रुचिर को 5 वोट से हराकर जीत हासिल की है। हालांकि चुनाव परिणामों के तहत आरसीए के दो महत्वपूर्ण पदों पर मोदी गुट ने भी कब्जा किया है। ये पद हैं सचिव और कोषाध्यक्ष के। इसलिए ललित मोदी को आरसीए से अलग करके नहीं देखा जा सकता। माना जा रहा है सीपी जोशी के लिए नई कार्यकारिणी के साथ काम करना आसान नहीं होगा। क्योंकि छह सदस्यीय कार्यकारिणी के दो महत्वपूर्ण पदों कोषाध्यक्ष व सचिव पर रुचिर मोदी गुट ने कब्जा किया है।
गौरतलब है ललित मोदी ने अपने बेटे रुचिर मोदी को चेहरा बनाकर आरसीए चुनाव लड़ा था। लेकिन सीपी जोशी के चुनावी मैनेजमेंट के आगे क्रिकेट मैनेजमेंट के चाणक्य माने जाने वाले ललित मोदी को मुंह की खानी पड़ी है। जोशी की जीत के बाद राजस्थान में एक बार फिर से क्रिकेट के पुर्नजीवित होने की संभावनाएं बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार नई कार्यकारिणी कुछ इस तरह होगी। सीपी जोशी अध्यक्ष, मोहम्मद इकबाल उपाध्यक्ष, आर एस नांदू सचिव, पिंकेश जैन कोषाध्यक्ष, संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर व कार्यकारी सदस्य के के निमावत होंगे। जिसमें सचिव आर एस नांदू व कोषाध्यक्ष पिंकेश जैन मोदी गुट से आते है। आर एस नांदू ने सचिव पद पर केवल एक वोट से जीत दर्ज की है। सचिव पद के लिए पुर्नमतणना भी हुई।
आरसीए में उठापटक का इतिहास काफी पुराना है। गौरतलब है हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीते सोमवार को आरसीए के बहुप्रतिक्षित चुनाव हुए थे। गौरतलब है ​कि ललित मोदी के कारण बीसीसीआई ने आरसीए पर प्रतिबंध लगाया है। जिसके कारण राजस्थान में बीते कई वर्षों से क्रिकेट ठप्प पड़ा है। उम्मीद ​की जा रही है कि लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप हुए चुनाव के बाद आरसीए का प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा।
हालांकि ललित मोदी ने अपने बेटे रुचिर मोदी के कंधे पर बंदूक रखकर बीसीसीआई पर निशाना साधना का प्रयास किया था।

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