ट्रांसपोर्टर से चाकू अड़ाकर कार लूटी, नाकाबंदी देख भाग निकले

बिलासपुर।रिटायर्ड डीएसपी के रिश्तेदार के गले पर चाकू अड़ाकर बाइक सवार तीन लुटेरों ने कार छीन ली। घटना पेंड्रीडीह बाइपास चौक के पास सोमवार की देर रात हुई। पुलिस ने नाकेबंदी कर लुटेरों का पीछा किया तो वह तिफरा ओवरब्रिज के नीचे कार छोड़कर भाग निकले, लेकिन इसमें रखे 42 हजार रुपए व मोबाइल गायब थे।
– जिला बलौदा बाजार,थाना सिगमा के ग्राम लिमतरा निवासी ट्रांसपोर्टर राहुल आडिल पिता प्रेमकुमार 25वर्ष इस वारदात का शिकार हुआ। वह शहर के पूर्व व रिटायर्ड डीएसपी क्राइम अजीत पाटले का रिश्तेदार है। रविवार को वह अपने फुफेरे भाई को छोड़ने जरहाभाठा आया था। यहां से रात को घर लाैट रहा था।
– रात 11.30 बजे वह पेंड्रीडीह बाइपास चौक, टोयोटा शो रूम के पास पहुंचा था इसी दौरान दो अलग-अलग बाइक में आए तीन लोगों ने ओवरटेक कर उसकी कार को रोक लिया। इसमें से एक युवक ने ट्रांसपोर्टर के गले पर चाकू अड़ा दिया और भीतर घुसकर गाड़ी की चाबी ले ली। इसी बीच ट्रांसपोर्टर कार से कूद कर भाग निकला।
– लुटेरे उसकी कार को लेकर बिलासपुर की ओर भाग निकले। उन्होंने कार के सामने खड़ी बिना नंबर की बाइक को मौके पर छोड़ दिया। ट्रांसपोर्टर थोड़ी दूर खड़े ट्रक के पास पहुंचा और ड्राइवर से मोबाइल मांगा और अपने भाई को फोन कर घटना की जानकारी दी। उसके भाई ने रिटायर्ड डीएसपी अजीत पाटले को बताया तो उन्होंने हिर्री थाने में फोन किया।
– पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रांसपोर्टर को साथ लुटेरों की तलाश में बिलासपुर की ओर रवाना हुई। इस बीच पुलिस ने कंट्रोल रूम व अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी थी। शहर व इसके आसपास नाकाबंदी चल रही थी।
– डीएसपी हेड क्वार्टर नवीन शंकर चौबे भी रात को गश्त पर निकले थे। उनकी नजर तिफरा ओवर ब्रिज के नीचे खड़ी लावारिस कार पड़ी। उन्होंने हिर्री टीआई को सूचना दी तो वह ट्रांसपोर्टर के साथ वहां पहुंचे। कार उसी की निकली। पुलिस उसे लेकर थाने आ गई। कार में से 42 हजार रुपए व मोबाइल गायब थे। मामले में पुलिस की पड़ताल जारी है।
तिफरा ओवरब्रिज के नीचे कार को छोड़कर भाग गए थे लुटेरे।
संदेही से हो रही पूछताछ
सोमवार को वाहन चेकिंग के दौरान हिर्री पुलिस को पेंड्रीडीह बाइपास से एक संदेही मिला। वह बिना नंबर की गाड़ी में घूम रहा था। उसने खुद को रींवा का रहने वाला बताया। उसने हल्की दाढ़ी रखी हुई है। वारदात में शामिल एक युवक का चेहरा उससे मिलता जुलता है।
लैपटाप छोड़ गए गाड़ी में
– लुटेरे कार से रुपए व मोबाइल तो ले गए पर लैपटाप को गाड़ी में ही छोड़ दिया था। शायद भागते समय पकड़े जाने के डर से उन्होंने ऐसा किया होगा।
इंजन और चैचिस नंबर भेजी गई आरटीओ के पास
लुटेरों में एक युवक अंत तक हेलमेट पहना हुआ था। कार के अंदर बैठने के बाद भी उसने इसे नहीं उतारा। कोई बात भी नहीं की। पुलिस को परचितों पर संदेह है। घटनास्थल पर मिली बिना नंबर की बाइक के मालिक का पता लगाने पुलिस ने चैचिस व इंजन नंबर आरटीआई के पास भेजा है। चोरी की गाड़ी होने की संभावना है।