ठंड से ठिठुरा उत्तर भारत, जन जीवन प्रभावित …

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया हैमैदान के साथ ही पहाड़ों में भी पारा लुढ़क रहा है। सड़कों पर यातायात तो प्रभावित रहा ही साथ ही रेलगाड़ियों की रफ्तार भी सुस्त पड़ गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड का यह दौर जारी रहेगा। उप्र में ठंड से प्रभावित मरीजों की भी संख्या बढ़ी है। सर्दी लगने से सूबे में 31 और कोहरे से हुए सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। कई घायल भी हुए। करगिल में कल रात जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ वहीं कश्मीर घाटी में कई स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु से कई डिग्री नीचे रहा।

मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि अगले 48 घंटों में कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी से परेशानी उत्पन्न हो सकती है। मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। निकटवर्ती कोकरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

हिमाचल में सक्रिय हुई पश्चिमी हवाओं से आने वाले दिनों में ठंड बढ़ेगी लेकिन अभी बारिश और बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। राज्य में पश्चिमी हवाओं का असर दिखना शुरू हो गया है। समूचा राज्य शीतलहर की चपेट में है। राज्य के मैदानी क्षेत्र पहाड़ों की रानी शिमला से भी ठंडे हो गए हैं। सोलन, ऊना, और सुंदरनगर का न्यूनतम तापमान शिमला से एक से तीन डिग्री सेल्सियस कम चल रहा है। राज्य के मैदानी क्षेत्रों में धुंध का कहर भी शुरू हो गया है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान केलंग में माइनस 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।हरियाणा में जनवरी महीना शुरू होते ही हाड़ कंपा देने वाली ठंड का प्रकोप भी शुरू हो गया है। पहाड़ों में बर्फबारी और शीतलहर के कारण गुरुवार को रेवाड़ी का न्यूनतम तापमान जीरो डिग्री से भी नीचे माइनस .5 डिग्री सेल्सियस रहा