डिजाइनर खादी ने बापू की पारंपरिक खादी को पीछे छोड़ा

जमाना बदला, सोच बदली तो ओढ़ने पहनने के तौर तरीके क्यूं पुराने रहें। समय के साथ जीवन शैली में हुए सुधार ने हर किसी को अपडेट किया है। पहले नेता कलफ लगी मोटी खादी पहने दिखाई देते थे, लेकिन अब वे खादी के डिजाइनर कुर्ते पहनने लगे हैं। नेता ही नहीं, नए जमाने के युवाओं में भी खादी को लेकर आकर्षण तो है पर मोटी खादी के प्रति नहीं, बल्कि डिजाइनर खादी के प्रति।

नए जमाने में बापू की खादी भी नए कलेवर में ही लोगों को पसंद आ रही है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के आउटलेट्स पर पांरपरिक खादी वस्त्रों के मुकाबले डिजाइनर खादी कपड़ों की बिक्री में खासा इजाफा हुआ है। आलम यह है कि डिजाइनर खादी वस्त्रों की बिक्री करीब 20 प्रतिशत ज्यादा है।

गौरतलब है कि खादी वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए मप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने करीब तीन साल पहले कबीरा ब्रांड लॉन्च किया था। इसके तहत बोर्ड ने युवाओं पर खासा फोकस किया था और युवाओं को आकर्षित करने वाले डिजाइन तैयार किए गए थे।

एमपी नगर खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के केंद्रीय खादी वस्त्रागार के मार्केटिंग मैनेजर अजीत प्रजापति बताते हैं कि जब से खादी के डिजाइनर कपड़े लॉन्च हुए हैं, तब से काउंटर सेल बढ़ गई है। वे बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में खादी कपड़ों की बिक्री में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि खादी के पारंपरिक वस्त्रों की बिक्री भी बढ़ी है, लेकिन डिजाइनर शर्ट और कुर्तों की डिमांड ज्यादा है। उन्होंने बताया कि खासतौर पर युवा डिजाइनर कुर्ते पसंद कर रहे हैं।