डुबान क्षेत्र में फसल खराब, किसानों ने की सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

धमतरी तहसील के डुबान व वनांचल के किसानों की भीड़ कलेक्टोरेट पहुंची। पुनः नई आनावारी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजकर क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मांगे पूरी नहीं होने पर किसानों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

ग्राम पंचायत कसावाही, विश्रामपुर, तुमराबहार समेत विभिन्न गांवों के किसानों की भीड़ शुक्रवार को कलेक्टोरेट पहुंची। जिला पंचायत सीईओ विनित नंदनवार को ज्ञापन सौंपकर किसान नारद कोर्राम, राज कुमार, संतराम, नीरू कुंजाम, बासन बाई, गंगाबाई, निर्मला बाई, बसंती बाई, अंजली, कौशल कुमार नेताम, रोहणी बाई, रामलाल, पंचूराम साहू, बैसाखूराम, कोमल साहू, बालाराम साहू ने बताया कि उनकी खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। इस साल आषाढ़ व सावन माह में अल्प बारिश और तेज धूप पड़ने के कारण धान फसल खराब हो गई है। समय रहते बारिश नहीं होने से धान फसल बर्बाद हो गई है। अब चाहे जितना भी बारिश हो जाए, फसल नहीं हो पाएगी। इस अवसर पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य देशांत जैन समेत डुबान क्षेत्र के किसान उपस्थित थे।

फिर से निरीक्षण जरूरी

क्षेत्र के किसानों की मांग है कि तहसीलदार, क्षेत्र के पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी पुनः धान फसल की स्थिति का निरीक्षण कर नया आनावारी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजे। ताकि खराब फसल से शासन अवगत हो सके और क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित कर परेशानी में डूबे किसानों को शासन से कुछ राहत मिल सके। किसानों की मांग है कि शासन तुमाबुजुर्ग, विश्रामपुर, डांगीमाचा, खिरकीटोला, कसावाही, तुमराबहार, बोरिदखुर्द, मरादेव, बेलतरा, कोटाभर्री, बरारी, शकरवारा, मुड़पार, मथुराडीह, भोयना, अरौद, जंवरगांव, भंवरमरा, बागोडार, लीलर, पहारियाकोन्हा, कलारबाहरा, सिलतरा, बरबांधा, पटेलगुड़ा, उरपोटी, अरौद डू, चिखली, माटेगहन, मोंगरागहन समेत अन्य गांवों को सूखाग्रस्त घोषित करें। किसानों का कर्ज माफ कर उन्हें नुकसान फसल का मुआवजा दें। किसान व मजदूरों के लिए राहत कार्य खोले, ताकि गांवों के ग्रामीणों को दूसरे प्रदेश व जिला पलायन करने की नौबत न आए।