तब भगवान शिव से मिलने के लिए पूरे परिवार ने खाए थे जहरीले लड्डू

जयपुर। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत की गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है। इस मामले में माना जा रहा है कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए परिवार के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से फांसी लगा जान दे दी। घर में कुछ नोट्स मिलने के बाद पुलिस आस्था और अंधविश्वास के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। बुराड़ी घटना का यह परिवार मूलत: राजस्थान का ही था।

इस घटना ने राजस्थान के सवाई माधोपुर की गंगापुर सिटी के एक परिवार की सामूहिक आत्महत्या के मामले की याद फिर ताजा कर दी है। 26 मार्च, 2013 को गंगापुर सिटी के रहने वाले फोटोग्राफर कंचन सिंह ने भगवान शिव से मिलने की चाह में अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ जहरीला लड्डू खाया था। इनमें 5 सदस्यों की मौत हो गई थी और 3 सदस्यों की जान बच गई थी। उसका पूरा परिवार आस्था, तंत्र-मंत्र में डूबा था।

कंचन सिंह सिंधा भगवान से मिलना चाह रहा था और उसकी छोटी बेटी ने नंदी का आह्वान कर लड्डू खाया। कंचन ने घटना से पहले अपनी मां के पैर छूए उसके बाद सभी आठ सदस्यों ने एक साथ लड्डू खाया और भगवान का नाम लेते रहे।

हैरानी की बात यह है कि इस सामूहिक खुदकुशी का वीडियो भी बनाया था जिसमें कंचन सिंह सभी पूछता नजर आ रहा था कि वो क्यों मरना चाहता है और मरने के बारे में उसके विचार क्या हैं। तब सभी ने भगवान से मिलने का जिक्र करते हुए मरने की बात कही। यहां तक की कंचन की मासूम छोटी बेटी ने भी शिव के वाहन नंदी से मिलने की बात कही।

कंचन सिंह ने ही सबको अपने हाथों सायनाइड से सना लड्डू दिया। अपनी बुजुर्ग मां के पैर छुए दी। इसके बाद एक से तीन तक गिनती बोली और फिर परिवार के आठ सदस्यों ने एक साथ एक झटके में जहरीले लड्डू खा लिए। उसके बाद उन्होंने वीडियो बंद कर दिया। कुछ मिनटों में फोटोग्राफर कंचन सिंह, उसकी पत्नी नीलम, इंजीनियर भाई दीप सिंह, बेटा प्रद्युम्न और बेटी रिनी की मौत हो गई।

ऐसे बची तीन लोगों की जान

कंचन की भांजी रश्मि ने जब सभी को दम तोड़ते हुए देखा तो घबरा गई और उसने लड्‌डू थूंक दिया। वह दौड़ते हुए पड़ोसियों के पास पहुंची लेकिन उसकी भी तबीयत बिगड़ गई थी। पड़ोसी कंचन सिंह के घर पहुंचे तब तक पांच सदस्य दम तोड़ चुके थे लेकिन कंचन सिंह की बुजुर्ग मां, उसके भतीजे और भांजी को अस्पताल में भर्ती कराया और उपचार के बाद जान बच गई।

मरने से पहले टीवी पर देखा था शिवजी का सीरियल

पूरा परिवार हमेशा ही टीवी पर धार्मिक सीरियल ही देखता था। उस दिन भी सभी ने पहले भगवान शिव का टीवी पर सीरियल देखा था। बताया जाता है कि घटना के दिन भी परिवार के सभी सदस्यों ने पहले तो खुद के खून से भोलेनाथ का अभिषेक किया और इसके बाद बच्चों ने अपने खून से तिलक लगाया।