तिहरे हत्याकांड के आरोपी उदयन की शुरू हुई पेशी

रायपुर। डीडी नगर में अपने माता-पिता को मारकर उनकी लाश घर के आंगन में दफनाने और फिर इस राज को कई दिनों तक छिपा कर रखने वाले आरोपी उदयन दास को पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को रायपुर कोर्ट में पेश किया। अपने माता-पिता के अलावा उदयन ने अपनी प्रेमिका की भी इसी तरह हत्या कर दी थी।

दंपत्ति की हत्या के प्रकरण के साथ फर्जी दस्तावेज बनाकर मकान बेचने के मामले में भी गवाही तय की गई। मामले में पांच गवाहों के बयान दर्ज होने थे। इसलिए मुख्य आरोपी उदयन के लिए कोर्ट ने पेशी की तारीख तय की थी। रायपुर में माता-पिता की हत्या के साथ अपनी प्रेमिका को पश्चिम बंगाल के बांकुरा क्षेत्र में मारकर छत में ही लाश छिपाने के लिए सीमेंट की कब्र बना दी थी।

वहां की पुलिस ने जब छानबीन की तो पहले प्रेमिका की हत्या और फिर रायपुर में माता-पिता की हत्या के बाद उनकी लाश घर में ही दफनाने की बात सामने आई। जानकारी के मुताबिक रायपुर अदालत में पश्चिम बंगाल पुलिस ने एडीजे राजीव कुमार की कोर्ट में उदयन को पेश किया।

पांच गवाहों के बयान दर्ज होने थे, लेकिन कोर्ट में केवल हरीश कुमार पांडेय का बयान दर्ज हो पाया। बाकी गवाह उपस्थित नहीं हुए। बताया गया अभी तक 62 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। गवाही के लिए पहुंचे हरीश कुमार पांडेय को ही उदयन ने फर्जी तरीके से वो मकान बेचा था जिसके आंगन में माता-पिता को मारकर दफना दिया था।

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वर्ष 2010 की एक शाम करीब छह बजे उदयन के पिता बीके दास सामान लेने बाहर गए थे। तभी आरोपी उदयन ने अपनी मां इंद्राणी दास को मार डाला। पलंग पर पटकने और गला दबाने से बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। जब बीके दास पहुंचे तब उदयन ने पिता को भी नहीं बख्शा।

मां इंद्राणी के व्यस्त रहने का बहाना कर चाय में नींद की गोली मिलाकर पिलाया। बेहोश होने पर उनकी भी गला दबाकर हत्या कर दी। बुजुर्ग दंपत्ति की लाश घर के आंगन में कब्र खोदकर दफना दी। इसके लिए उसने मजदूरों से छह फीट गड्ढा खुदवाया था। दरअसल उदयन ने संपत्ति के लालच में बुजुर्ग दंपत्ति को मौत के घाट उतार दिया।

आरोपी उदयन ने माता-पिता को मारने के बाद रायपुर स्थित मकान को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगभग पौने दो करोड़ रुपये में बेच दिया। कूट रचित दस्तावेजों में उसने अपनी मां को जीवित बताया था और यह बताया था कि वे अमेरिका में रह रही हैं। उसने दंपत्ति के रिटायरमेंट के पैसे और मकान को बेचने के बाद रायपुर छोड़ने का फैसला किया।

इस बीच उसने दो मंहगी कारें और मंहगे होम थियेटर और ऐशोआराम की महंगी चीजें उन पैसों से खरीदीं। इधर दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के बांकुरा में रहने वाले देवेंद्र कुमार शर्मा की बेटी आकांक्षा उर्फ श्वेता (28) की 2007 में उदयन से सोशल मीडिया साइट ऑरकुट पर दोस्ती हुई थी।

जून 2016 में घर पर नौकरी करने की बात कहकर आकांक्षा भोपाल आ गई। यहां वह उदयन के साथ रहने लगी। कुछ दिन बाद आकांक्षा से घरवालों का संपर्क बंद हो गया। फोन नंबर पता करने पर भोपाल का लोकेशन आया। श्वेता की गुमशुदगी रिपोर्ट पर पुलिस ने तहकीकात शुरू की। तब पश्चिम बंगाल में अपने निवास पर उदयन के द्वारा श्वेता की हत्या कर लाश ठिकाने लगाने का पता चला।