दक्षिण अफ्रीका की रिकॉर्ड जीत, कागिसो रबाडा ने किया बांग्लादेश का कबाड़ा

मैन ऑफ द मैच कागिसो रबाडा (मैच में 63 रन देकर कुल 10 विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने ब्लोएमफोंटिन में दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन बांग्लादेश को एक पारी और 254 रन के विशाल अंतर से हरा दिया। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने दो मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम की। बता दें कि पहले टेस्ट में प्रोटियाज ने बांग्लादेश को 333 रन के विशाल अंतर से हराया था।यह दक्षिण अफ्रीका के लिए पारी के अंतर से सबसे बड़ी जीत रही, यानी एक रिकॉर्ड जीत। इससे पहले प्रोटियाज टीम ने 2001 में श्रीलंका को एक पारी और 229 रन से हराया था, जो उसकी टेस्ट में सबसे बड़ी जीत थी।
दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे टेस्ट में पहले बल्लेबाजी करते हुए 573/4 के स्कोर पर अपनी पारी घोषित की थी। इसके बाद बांग्लादेश की पहली व दूसरी पारी क्रमशः 147 और 172 रन पर ऑलआउट हुई। अब दोनों देशों के बीच 15 अक्टूबर से तीन मैचों की वन-डे सीरीज का आगाज होगा। सीरीज का पहला मैच किम्बर्ले में खेला जाएगा। बहरहाल, बांग्लादेश की दूसरी पारी को जल्दी समेटने में प्रमुख भूमिका कागिसो रबाडा ने निभाई, जिन्होंने 11 ओवर में एक मेडन सहित 30 रन देकर 5 विकेट चटकाए। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने अपने करियर के 22वें टेस्ट में तीसरी बार एक मैच में 10 विकेट लेने का कमाल किया। वो सबसे तेज 100 टेस्ट विकेट लेने वाले दुनिया के पांचवें युवा गेंदबाज बने। इसके साथ ही रबाडा ने एक कैलेंडर ईयर में 50 से अधिक विकेट लेने का कमाल भी किया। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से टेस्ट में सबसे कम रन देकर 10 विकेट लेने के मामले में रबाडा दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस मामले में शीर्ष पर डेल स्टेन बने हुए हैं, जिन्होंने सिर्फ 60 रन देकर एक टेस्ट में 11 विकेट चटकाए थे। बांग्लादेश की दूसरी पारी तीसरे दिन दो सेशन के भीतर ही ऑलआउट हुई। प्रोटियाज गेंदबाजों ने पहले सेशन में 4 विकेट चटकाए और फिर दूसरे सेशन में जल्द ही 6 विकेट चटकाकर टेस्ट व सीरीज जीती।बांग्लादेश के लिए महमुदुल्लाह (43) ने संघर्ष जरुर किया, लेकिन वो टीम के लिए मैच सुरक्षित नहीं कर पाए। उन्होंने 59 गेंदों में 7 चौको व एक छक्के की मदद से 43 रन की पारी खेली।दूसरी पारी में रबाडा का जलवा रहा। उन्होंने सौम्य सरकार (3), मोनिमुल हक (11), महमुदुल्लाह (43), तैजुल इस्लाम (2) और रूबेल हुसैन (7) को अपना शिकार बनाया। इसके अलावा फेह्लुक्वायो ने सब्बीर रहमान (4) और मुस्ताफिजुर रहमान (7) को पवेलियन भेजा। वेन पार्नेल और डेविड ओलिवियर को भी एक-एक सफलता मिली।