दरोगा रोज़ लिख कर भेजता था अश्लील बातें

इलाहाबाद। छेड़खानी की शिकार छात्रा के पुलिस से मदद मांगने पर दरोगा द्वारा उसे अश्लील मैसेज भेजकर बुलाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने एसएसपी वाराणसी से रिपोर्ट तलब कर ली है। कोर्ट ने एसएसपी को दो सप्ताह में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
पीड़ित छात्रा ने इस मामले में पुलिस जांच में लीपापोती की शिकायत को लेकर याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीके सिंह की पीठ सुनवाई कर रही है।
पीड़िता का कहना है कि उसे ब्लैक मेल किया जा रहा है इसलिए सुरक्षा दी जाए और उसके द्वारा दर्ज कराई प्राथमिकी की जांच सीबीसीआईडी से कराई जाए। बलिया की रहने वाली छात्रा वाराणसी में रह कर नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है।

उसने पांडेय पुर में राजेश कुमार के घर किराए का कमरा लिया था। जून 2016 में मालिक मालिक के खिलाफ उसने छेड़खानी की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की और मकान मालिक का शांति भंग की आशंका में चालान कर छोड़ दिया।

पीड़िता का कहना है कि 30 जून 2016 को मकान मालिक ने उसके खिलाफ धन उगाही करने का फर्जी आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद से कैंट थाने के एसआई विनोद सिंह और केपी सिंह (अब लंका थाने में) उसे ब्लैक मेल करने लगे।

उसे व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजकर परेशान करने लगे। याची के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया और उसे अकेले में बुलाते थे। उससे ज्यादती की गई। पीड़िता के अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस ने याची की शिकायत पर जांच करने के बजाए प्राथमिकी वापस लेने का दबाव बनाया और नहीं मानने पर उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे में चार्जशीट लगा दी।