दागी अफसरों पर चलेगा ईडी का डंडा, अधिकारियों की जांच शुरू

भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अफसरों पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सख्ती शुरू हो गई है। पूर्व आईएएस बाबूलाल अग्रवाल के सीए और जलसंसान विभाग के ईई आलोक अग्रवाल की संपत्ति जब्त करने के बाद अब जलसंसान, पीएचई, शिक्षा और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की जांच की जा रही है।

ईडी के छत्तीसगढ़ में पदस्थ अधिकारियों ने बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा ने पिछले डेढ़ साल में 60 से ज्यादा दागी अधिकारियों पर कार्रवाई की। इस दौरान 150 करोड़ से ज्यादा की अघोषित आय का पता चला। एसीबी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद अब इन अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की गई है।

ईडी के सूत्रों की मानें तो अफसरों ने अघोषित संपत्ति को अपने परिवार के सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी है। कई अधिकारियों के बैंक खातों की जांच आार नंबर के आधार पर शुरू की गई है। ईडी ने अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति के मामले में विभागों से भी गोपनीय जानकारी मांगी है। इस रिपोर्ट को आधार बनाकर कुछ बड़े अधिकारियों की जांच शुरू होगी। ईडी ने इससे पहले अपैक्स बैंक के अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच की थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की जांच चल रही है।

राउत-जनवदे के विदेश दौरे की चल रही जांच

एसीएस एमके राउत और पीडब्ल्यूडी विभाग के पीके जनवदे के विदेश दौरे में तय सीमा से अधिक खर्च करने के मामले में भी ईडी जांच कर रही है। ईडी ने 15 दिन पहले विदेश यात्रा में 24 लाख स्र्पए का खाना खाने के मामले में ट्रैवल एजेंट को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी है। इससे पहले राउत और जनवदे को भी ईडी ने नोटिस जारी किया था। दोनों अधिकारियों ने मालदीव के दौरे में मनमाना खर्च किया।