दिग्वजय सिंह की यात्रा में सादगी व श्रद्धा है तो शिवराज की यात्रा में नौटंकी थी : ज्योतिरादित्य

खरगोन(इंदौर) .दिग्विजयसिंह की नर्मदा यात्रा मंगलवार को ओंकारेश्वर से मोरटक्का होते हुए खरगोन जिले पहुंची। मंगलवार को यात्रा में शामिल होने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मोरटक्का पहुंचे। यात्रा के दूर होने पर वह कच्चे रास्ते से तीन किमी पैदल चलकर यात्रा में पहुंचे।
– दिग्विजयसिंह से गले मिल यात्रा में शामिल हुए। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा मैं दिग्विजयसिंह का उत्साहवर्धन करने व आशीर्वाद लेने के लिए यात्रा में शामिल हुआ हूं। न कोई राजा है, न कोई महाराजा है। हमारा उद्देश्य है मप्र में कांग्रेस की सरकार बने।
– दोनों यात्राओं में अंतर है। यहां एक तरफ सादगी व श्रद्धा है तो वहां दूसरी तरफ शिवराज की यात्रा में नौटंकी थी, करोड़ों रुपए का इस्तेमाल जो प्रदेश सरकार का था। समापन पर प्रधानमंत्री को बुलाया गया। बसों में भरकर लोगों को लाया गया। सिंधिया यहां से मोरटक्का स्थित ओम श्रीमां आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर लोगों से मुलाकात की। शाम 4.30 बजे इंदौर रवाना हुए।
दिग्विजय मेरे बड़े भाई हैं, वो बुलाएंगे तो यात्रा में जरूर जाऊंगी : उमा
– पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह व उनकी पत्नी की नर्मदा यात्रा को लेकर केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा है कि दिग्विजय मेरे बड़े भाई हैं। भाई-भाभी मुझे यात्रा में बुलाएंगे तो जरूर जाऊंगी। वे आखिरी दिन भंडारे में मुझे बुलाएं।
– उमा भारती ने इस दौरान मीडिया को भी सलाह दे डाली कि दिग्विजय सिंह बहुत धार्मिक परिवार से हैं। मैं उनकी यात्रा पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी, वह निर्विघ्न पूरी हो। यह यात्रा राजनीतिक नहीं है, इसलिए आप भी उसे अराजनीतिक ही रहने दें। केंद्रीय मंत्री मंगलवार को मीडिया से बात कर रहीं थीं। दिग्विजय सिंह को लेकर दिए गए बयान को उन पर चल रहे मानहानि केस से जोड़कर देखा जा रहा है।