दिल्ली के विधायकों को अब प्रधानमंत्री से भी ज्यादा मिलेगा वेतन

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के विधायकों को अब देश के किसी भी विधायक से अधिक वेतन मिलेगा। गुरुवार को दिल्ली विधानसभा में पास हुए विधेयक के बाद एक विधायक का वेतन 88 हजार रुपए से बढ़कर 2.36 लाख रुपए कर दिया गया है। इतना वेतन राज्य के किसी भी विधायक का नहीं है।देश के राज्यों में अभी तक सिर्फ झारखंड के विधायकों का वेतन ही सबसे अधिक था।

झारखंड में एक विधायक को महीने में 2.10 लाख रुपए वेतन के रूप में मिलते हैं। लेकिन दिल्ली सरकार के नए कदम के बाद राजधानी के विधायक सिर्फ देश के बाकी राज्यों के विधायकों से ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री से भी ज्यादा वेतन पाएंगे।दिल्ली सरकार ने विधायकों के वेतन का विधेयक गुरुवार को विधानसभा में पेश किया और चर्चा के बाद इसे सदन में पास कर दिया गया। अब विधायकों का मूल वेतन (बेसिक सैलरी) 12 हजार रुपए की बजाय 50 हजार रुपए हो जाएंगी।

इसके साथ ही, भत्तों, कार्यालय खर्च आदि को मिलाकर कुल वेतन 88 हजार रुपए से बढ़कर 2.35 लाख पर पहुंच जाएगा। दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के ही विधायक पंकज पुष्कर ने कहा, ‘अगर महंगाई की वजह से वेतन बढ़ाया गया है तो ऐसा सभी के साथ होना चाहिए। पहले विधायक जिनके प्रतिनिधि हैं, उनके बारे में सोचें।’

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने इसपर अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर एक आईएएस को ढाई लाख रुपए का वेतन मिल सकता है तो एमएलए को क्यों नहीं? एमएलए इनसे तो ज्यादा ही काम करते है। संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने विधायकों का सैलरी बढ़ाने के कदम को जरूरा बताया लेकिन साथ ही हिदायत भी दी कि सरकार को अपना बजट भी देखना चाहिए।

दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व सांसद और प्रदेश अध्यक्ष जेपी अग्रवाल ने इसे 100 फीसदी गलत काम करार दिया है। उन्होंने गृह मंत्रालय से इसे रोकने को कहा है। अग्रवाल ने कहा कि बीजेपी के विधायकों को बढ़ा वेतन लेने से इनकार कर देना चाहिए। वहीं, दिल्ली सरकार और ‘आप’ के बचाव में उतरे पार्टी नेता आशुतोष ने कहा कि अगर जनता विधायकों को ईमानदारी से काम करते देखना चाहती है तो उचित सैलरी देनी ही पड़ेगी। बाकी पार्टियों के विधायक लूट खसोट के लिए आते है और अरबों रुपया कमाते हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के विधायकों का वेतन अभी असम और गोवा के विधायकों से भी कम है, जहां पर कांग्रेस और बीजेपी की सरकार है। लेकिन जरा बीजेपी के विधायकों की संपत्ति की ईमानदारी से जांच करवा लीजिए। दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस सीएम केजरीवाल और उनकी सरकार के खिलाफ और सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रही है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजम माकन दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात करेंगे।

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