दिव्यांग मतदाताओं को घर बैठे वोटिंग की सुविधा देने पर विचार कर रहा चुनाव आयोग

चुनाव में मतदान के लिए दिव्यांगों को सक्षम बनाने के लिए चुनाव आयोग कुछ नई पहल करने पर विचार कर रहा है। दरअसल आयोग चाहता है कि शारीरिक असमर्थता की वजह से कोई व्यक्ति मतदान से वंचित नहीं रहे। इसके लिए आयोग वैकल्पिक मतदान के कई तरीकों पर विचार कर रहा है।

दिव्यांग मतदाताओं को घर से वोट डालने, पोस्टल वोट डालने, मोबाइल पोलिंग स्टेशन जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें चुनाव की प्रणाली में कोई गड़बड़ नहीं हो। आयोग दिव्यांग लोगों के चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी को बढ़ाने के लिए स्कोप और विधायी उपायों की जरूरतों की जांच करने को भी तैयार है।

मसौदे का लक्ष्य है कि एक भी मतदाता छूटना नहीं चाहिए। इस पर राष्ट्रीय पार्टियों के प्रतिनिधियों, सरकारी मंत्रालयों और विभागों, दिव्यांग विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था। चुनाव आयोग दिव्यांगों के लिए मतदान को जनरल वोटिंग के समय से पहले कराने पर भी विचार कर रहा है, ताकि उन्हें वोटिंग वाले दिन लगने वाली लाइन की वजह से होने वाली परेशानी से बचा सके।

दिव्यांगों के लिए पोस्टल वोटिंग की संभावना पर भी विचार किया गया। इसके अलावा आने वाले दिनों में दिव्यांग मतदाताओं को पोलिंग स्टेशन तक लाने या मोबाइल पोलिंग स्टेशन पर वोट देने की सुविधा भी दी जा सकती है। इन कुछ उपायों को लागू कराने के लिए चुनाव के नियमों में संशोधन करने की जरूरत भी होगी।