दीपावली ऑफर के 500 रुपए जैसे ही जेब में रखे, वैसे ही धरा गया

 दीपावली का ऑफर दे रहा हूं। एक हजार नहीं हैं तो 500 रुपए दे और ले जा सार्टिफिकेट। यह कहते हुए जनमित्र केन्द्र के कर्मचारी ने एक युवक से 500 रुपए लेकर अपनी शर्ट की जेब में रखे ही थे कि तभी लोकायुक्त के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया।

घटना सोमवार शाम बहोड़ापुर विनय नगर जनमित्र केन्द्र की है। यहां एक युवक को उसकी बहन के मैरिज सार्टिफिकेट देने के लिए सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग कर रहा था। सोमवार को पीड़ित लोकायुक्त एसपी से मिला और आरोपी को ट्रैप किया गया। आरोपी दैनिक वेतन भोगी है। उसके पिता नगर निगम के तानसेन नगर क्षेत्रीय कार्यालय में सहायक स्वास्थ अधिकारी बताए गए हैं।

पीड़ित अभिषेक सिंह राजपूत (23) निवासी घासमंडी बीबीएम कॉलेज से एमबीए कर रहा है। उसकी बहन गिरजा राजपूत की शादी का प्रमाण पत्र बनवाने अभिषेक ने अगस्त में दस्तावेज बहोड़ापुर विनय नगर जनमित्र केन्द्र में जमा कराए थे। उसे पता चला था कि 12 सितंबर को मैरिज सार्टिफिकेट बनकर तैयार हो गया था। जब अभिषेक सार्टिफिकेट लेने गया तो जनमित्र केन्द्र के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी अतुल पुत्र रमेश शर्मा ने सार्टिफिकेट देने के लिए एक हजार रुपए की रिश्वत मांगी।

परेशान छात्र एसपी लोकायुक्त अमित सिंह के पास पहुंचा और शिकायत की। बाद में ट्रेप तैयार कर अतुल शर्मा को हिरासत में लिया गया।

जेब से रुपए निकालने में आ गया पसीना

लोकायुक्त टीम को देखकर आरोपी को जेब से नोट निकालने में पसीना आ गया। इसके बाद टीम ने तत्काल उसे निगरानी में लिया। जब केमिकल हाथ पर लगाकर धोए तो पानी का रंग गुलाबी हो गया। इसके बाद लोकायुक्त ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।

पिता व चाचा दोनों की अच्छी पहुंच

ऐसा पता लगा है कि आरोपी अतुल शर्मा के पिता रमेश शर्मा नगर निगम के तानसेन नगर क्षेत्रीय कार्यालय में सहायक स्वास्थ अधिकारी हैं। उसके चाचा देवेन्द्र राज्यसभा सांसद प्रभात झा के नगर निगम में प्रतिनिधि बताए गए हैं।

भाई ने समझाया लोकायुक्त की मदद ले

जब एमबीए के छात्र अभिषेक से नईदुनिया ने पूछा कि उसे कैसे समझ आया कि आरोपी को ट्रैप कराया जा सकता है। इस पर उसने बताया कि दिल्ली में उसके बुआ का बेटा प्रमोद सिंह राजपूत जॉब करते हैं। जब उन्हें पूरी बात बताई तो उन्होंने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत कराकर आरोपी को पकड़वाने का रास्ता बताया। इसके बाद मुझे भी हिम्मत आई और सीधे लोकायुक्त ऑफिस पहुंच गया।