देवर से हुए विवाद के बाद वह जिंदा रहना नहीं चाहती थी, पर किस्‍मत को कुछ और मंजूर था

बावाड़िया फाटक अहमदपुर के पास शनिवार सुबह 11 बजे के करीब एक महिला रेल पटरियों पर कटने जा रही थी। तभी उसको एक युवती ने आवाज लगाकर रोका और उसको बातों में लगाकर पटरियों से दूर लेकर आई।

जहां महिला से बातों ही बातों में उसकी पूरी परेशानी समझी और महिला हेल्पलाइन को मौके पर बुलाकर महिला को मिसरोद थाने पहुंचाया। जहां उसकी काउंसलिंग करने के बाद उसके पति थाने बुलाकर सकुशल साथ भेज दिया। पुलिस इस मामले में किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की है।

जानकारी के अनुसार त्रिलंगा निवासी 22 वर्षीय सुप्रिया प्रायवेट जॉब करती है। शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे वह अहमदपुर रेलवे फाटक के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान युवती की नजर एक महिला पर पड़ी वह रेलवे लाइन के किनारे-किनारे जल्दी-जल्दी जा रही थी। स्कूटी सवार महिला को कुछ शंका हुई तो वह अपनी स्कूटी खड़ी करने के बाद महिला के पीछे-पीछे भागी और उसको रोक लिया।

महिला ने युवती को बताया कि वह अब जिंदा नहीं रहना चाहती है। महिला ने एक दो बार युवती का हाथ झटकाते हुए रेल पटरी पर बैठने की कोशिश करने लगी। युवती ने महिला को किसी तरह समझाया और ट्रेन की पटरी से दूर लेकर चली गई। इसी दौरान मौका देखकर युवती ने महिला हेल्प लाइन वी केयर फार यू पर फोन लगा दिया।

देवर से मोबाइल को लेकर हुआ विवादः-

महिला ने युवती को बताया कि उसकी 16 साल की उम्र में शादी हो गई थी। उसके तीन बच्‍चे हैं। उसने युवती से कहा कि शनिवार सुबह मोबाइल को लेकर उसका अपने देवर से विवाद हो गया था। इसके बाद वह घर से नाराज होकर जान देने के लिए निकली थी। युवती ने देवर को फोन लगाया, लेकिन उसने ढंग से बात नहीं की। इसके बाद युवती ने महिला के पति फोन लगाकर बुलाया। तब तक वी केयर फार यू से महिला पुलिसकर्मी पहुंच गई थी।

मिसरोद थाने में काउंसलिंग की गईः-

महिला के पति और परिजनों के आने के बाद वी केयर फॉर यू में तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने महिला को समझाया और पूरे घटनाक्रम का उचित समाधान करने का भरोसा दिया। महिला को उसके पति के सामने सवाल – जबाव के बाद पति के साथ घर भेजा गया।