धमतरी : दीपावली से पहले बोनस मिलने से अच्छे से त्यौहार मना सकेंगे किसान : ‘रमन के गोठ‘ सुनने के बाद कसावाही के ग्रामीणों ने दी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का प्रदेश की आमजनता को रेडियो के माध्यम से संबोधन का मासिक कार्यक्रम ‘रमन के गोठ‘ का प्रसारण आज सुबह 10.45 बजे से 11.05 बजे के बीच हुआ। इसे सुनने के बाद धमतरी विकासखण्ड के ग्राम कसावाही के ग्रामीणों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस साल मानसून की बेरूखी से निश्चय ही धान की फसल अपेक्षा के अनुकूल नहीं मिल पाएगी। ऐसे में प्रदेश के मुखिया द्वारा धान का बोनस दिया जाना किसानों के लिए उम्मीद की किरण के समान है। ग्रामीणों ने कहा कि दीपावली पर्व के पहले बोनस मिलने से अब किसान त्यौहारी खरीदारी अच्छे ढंग से कर सकेंगे। रोशनी के इस पर्व को मुख्यमंत्री ने सचमुच रौशन कर दिया है।
कलेक्टर डॉ. सी.आर. प्रसन्ना के निर्देश पर इस बार जिला स्तर के अधिकारियों को ‘रमन के गोठ‘ का श्रवण करने लिए ग्राम कसावाही में की गई थी, जहां कलेक्टर सहित जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री जगदीश सोनकर, एसडीएम श्री सी.डी. वर्मा सहित जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी ग्रामीणों के साथ बैठकर रेडियो से ‘रमन के गोठ‘ सुना। ग्राम पंचायत कसावाही की सरपंच श्रीमती उर्मिला ध्रुव ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बार खरीफ सीजन में मानसून की लेटलतीफी के चलते किसान सांसत में थे, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा बोनस की घोषणा से उन्हें काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि बोनस मिलने से सही मायने में किसान त्यौहार मना सकेंगे। ग्रामीण श्री हेमसिंह ध्रुव ने कहा कि रमन के गोठ सुनने के बाद उन्हें पता चला कि प्रदेश की सरकार द्वारा 2100 करोड़ रूपए का बोनस किसानों को दिया जा रहा है। इससे मुख्यमंत्री की किसानों के प्रति संवेदनशीलता का पता चलता है। शासन की योजनाओं के माध्यम से किसानों को राहत तो मिल ही रही है, बोनस की घोषणा से काफी हद तक उनकी चिंता दूर हो गई है। ग्राम के श्री देवनारायण सिन्हा ने कहा कि धान के साथ-साथ तेंदुपत्ता संग्राहकों को भी बोनस राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सहज बातें सुनने का मौका घर बैठे रमन के गोठ से मिलता है। गांव के श्री उदय राम ने बताया कि प्रदेश के मुखिया की जुबान से कई योजनाओं जानकारियां मिलती हैं।
‘रमन के गोठ‘ के आज के प्रसारण में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बोनस की राशि से कई किसानों को अपने बेटे-बेटियों की शादी में सहायता मिलेगी, तो कइयों ने अपने बेटे को दीवाली त्यौहार में मोबाइल, नए कपड़े और पटाखे खरीदकर देंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसान औसतन दस हजार ट्रैक्टर सालाना खरीदते हैं, वहीं चार लाख किसानों के पास सिंचाई पम्प हैं। इससे यह साबित होता है कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। वहीं मक्का और गेहूं के रकबे में हर साल वृद्धि हो रही है तथा 23 हजार हेक्टेयर के रकबे में जैविक खेती की जा रही है जो यह सिद्ध करती है कि यहां के किसान पारम्परिक खेती के अलावा अन्य फसलों के उत्पादन में भी रूचि ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की बधाई देते हुए बोनस को प्रदेश के मेहनतकश किसानों का अधिकार बताया।