नईदुनिया रास उल्लास गरबे के दूसरे दिन छाई जामुनी आभा

‘रास-उल्लास’ के दूसरे दिन अभय प्रशाल जामुनी रंग की आभा लिए भक्ति से सराबोर हो उठा। हाई वोल्टेज म्यूजिक, पारंपिरक गरबा गीत, प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाती दर्शकों की तालियों और ताल ग्रुप के सुरों के साथ दूसरे दिन उत्साह चरम पर था। जैसे-जैसे समय की सुई आगे बढ़ती गई, प्रतिभागियों का उत्साह भी बढ़ता रहा। प्रतिभागियों ने घेरे के फॉर्मेशन में पारंपरिक गुजराती स्टेप्स के साथ गरबे की शुरुआत की। इसके बाद तीन ताली के साथ अंबे मां की आराधना की।

इसके बाद गरबे में देश के विभिन्न् प्रांतों के लोकरंग भी देखने को मिले। इस खूबसूरत माहौल में हीरल कमानी के सुरों का जादू प्रतिभागियों के सर चढ़कर बोला। कल अंबे मां को गरबे का न्यौता देने के बाद आज मां पावा ते गढ़ ती उतरिया के गीत पर लगा मानों उन्होंने भी आमंत्रण स्वीकार कर लिया। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपने भजनों पर प्रतिभागियों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। दूसरे दिन प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए एसपी पूर्व क्षेत्र अवधेश गोस्वामी भी पहुंचे।

गोविंदा आला रे आला…

कैलाश विजयवर्गीय ने जब प्रतिभागियों का गरबा करते हुए देखा तो वे भी खुद को इसका हिस्सा बनने से रोक न सके। माताजी का आर्शीवाद लेने के बाद वे मंच पर पहुंचे और माइक अपने हाथों में थाम लिया। जैसे ही उन्होंने गोविंदा आला रे आला, जरा मटकी संभाल ब्रजवाला.. गीत गाया तो प्रतिभागियों के साथ ताल ग्रुप भी उनके साथ झूम उठा।

हीरल कमानी ने साथी गायकों विपुल हरियावाला, जरणा सोढ़ा कोटेचा, धर्मेश जोशी और खुशी बोझक के साथ तमे गरबे रमा आओ, एक बंजारी झूलना, डंमर वाग्या आदि गीतों की प्रस्तुति दी। जैसे ही हीरल ने जमकुड़ी (एक राजा ने सौ-सौ रानियां लिया) गाया तो माहौल में जोश देखने लायक था। म्यूजिक की हाई बीट्स प्रतिभागियों के गरबे के साथ ताल मिला रहीं थीं। राधे-राधे गीत के साथ दूसरे दिन का गरबा अपने मुकाम पर पहुंचा।

ये हैं रास-उल्लास के सहयोगी

प्रेजेंटेड बाय- कॉलेजियन क्रीम

पावर्ड बाय- डीएचएल इंफ्राबुल्स

बैंकिंग पार्टनर- बैंक ऑफ बड़ौदा

एसोसिएट स्पॉन्सर- दृष्टि देवकॉन

एजुकेशन पार्टनर- सेज यूनिवर्सिटी

रेडियो पार्टनर- 92.7 बिग एफएम

फूड पार्टनर- ओए24

सपोर्टेड बाय- सोमानीपुरम, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, मेलोडी फ्यूजन, होटल प्रेसीडेंट पार्क, जेड ब्लैक प्रीमियम अगरबत्ती

दर्शकों को भी मिलेंगे पुरस्कार 

रास उल्लास का जितना इंतजार प्रतिभागियों को रहता है ठीक उतनी ही बेसब्री से गरबा देखने वालों को भी। जो भी दर्शक गरबे की कलर थीम को फॉलो करते हुए ड्रेसअप करके आएंगे उन्हें भी आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। दर्शकों के लिए रास उल्लास गरबा महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह से निशुल्क है। दशर््ाक चौथी मंजिल विक्रम अरबेन, विजय नगर स्थित नईदुनिया कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। अभय प्रशाल में ऑन स्पॉट पास प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश पास के जरिए ही मिलेगा।