नक्सलियाें ने अपह्रत सब इंजीनियर अौर मुंशी को छोड़ा, दोनों शाम को सबाग पहुंचे

कुसमी। बारह दिन पहले नक्सलियों द्वारा अपहृत सब इंजीनियर व मुंशी को बुधवार को छोड़े जाने की सूचना पर चुनचुना पुंदाग सहित चांदो इलाके में पुलिस दिनभर एलर्ट रही। रिहा होने के बाद दोनों शाम को पैदल सबाग पहुंचे। दोनों से सबाग के सीआरपीएफ कैंप में पूछताछ की जा रही थी। गौरतलब है कि बलरामपुर जिले के सामरी थाना इलाके के सबाग से चुनचुना-पुंदाग तक सड़क निर्माण कार्य के दौरान 28 अप्रैल की सुबह बंदरचुआं में दो दर्जन हथियारबंद नक्सलियों ने तीन हाइवा, एक एक्सीवेटर और रोलर को आग के हवाले कर कर दिया था। इसी दौरान सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे सब इंजीनियर पेत्रस डुंगडुंग व ठेकेदार के दो मुंशी राजू गुप्ता और शंकर बिहारी को नक्सलियों ने अपने कब्जे में ले लिया।

– राजीव गुप्ता की तबियत खराब होने पर नक्सली उसे चुनचुना में ही छोड़कर आगे निकल गए। इसके बाद से डीएफ व सीआरपीएफ इलाके में अपह्रत लोगों का पता लगाने जुटी रही।
– दोनों के झारखंड स्थित बूढ़ापहाड़ इलाके में रखे जाने की बात सामने आई थी, लेकिन इलाका संवेदनशील होने व दूसरा राज्य के कारण फोर्स वहां नहीं जा पाई। बताया गया कि सब इंजीनियर पैत्रुस डुंगडुंग की पत्नी रिहा की सूचना पर सुबह से इलाके में डटी रही।

– मामला लेवी वसूली से जुड़ा बताया गया था। दोनों की रिहाई किन शर्तों पर हुई यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ये भी बात सामने अाई थी कि दोनों को छोड़ने के एवज में नक्सली लेवी की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों पर पिछले कुछ दिनों से बनाए गए दबाव के कारण ही दोनों की सकुशल रिहाई हो पाई है।

सबाग से चुनचुना तक जगह- जगह तैनात रहे जवान

– झारखंड के बरगढ़ से लगे चांदो एवं सबाग से चुनचुना पुदांग इलाके के बीच जगह-जगह जवान बुधवार को गश्त करते रहे। सब इंजीनियर व मुंशी को नक्सलियों द्वारा छोड़े जाने की खबर पर पुलिस इलाके में हर आने-जाने वालों से पूछताछ करती रही। यहां तक कि मीडियाकर्मियों को भी सबाग से आगे पर रोक दिया गया, हालांकि इसके पीछे सुरक्षा कारण बताया गया। शाम करीब छह बजे दाेनों सबाग के सीआरपीएफ कैंप पहुंचे। पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। दोनों को वहीं रखा गया है जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। सामरी से पुलिस अधिकारी सबाग के लिए रवाना हुए हैं।