नक्सल मुठभेड़ : 48 घंटा पहले ही प्लान किया गया था ऑपरेशन

सुकमा/ जगदलपुर। शहीदी सप्ताह खत्म होने के तीसरे दिन पुलिस व सुरक्षाबलों को कोंटा इलाके में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नुलकातोंग के जंगलों में सोमवार सुबह हुए एनकांउटर में जवानों ने प्लाटून कमांडर वंजाम हुंगा समेत 15 नक्सलियों को ढेर कर दिया। वहीं दो नक्सलियों को जिंदा पकड़ने में सफलता मिली।

मारे गए नक्सलियों में से 12 नक्सलियों की शिनाख्त हो गई है। नुलकातोंग के जंगलों में नक्सली जमावड़े की पुख्ता सूचना के बाद एसपी अभिषेक मीणा और सीआरपीएफ के अफसरों ने 48 घंटा पहले शनिवार को पूरा ऑपरेशन प्लान किया।

इसके बाद रविवार को फोर्स की अलग-अलग टुकडिय़ां नुलकातोंग की ओर रवाना की गई। डीआरजी, एसटीएफ, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के 300 से ज्यादा जवान संयुक्त ऑपरेशन में शामिल थे।

कोंटा थाना से निकली डीआरजी व एसटीएफ जवानों ने टुकड़ी ने रात जंगल में ही कैंप कर बिताया। सुबह लगभग छह बजे जवानों की टुकड़ी नुलकातोंग से तीन किमी दूर जंगल से गुजर रही थी, तभी जवानों को अपनी ओर बढ़ता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरु कर दी।

लगभग डेढ़ घंटे तक चली गोलीबारी के बाद नक्सली फायरिंग करते हुए अस्थायी कैंप छोडक़र भाग खड़े हुए। आमतौर पर मुठभेड़ में जिंदा नक्सली नहीं पकड़े जाते लेकिन यहां फोर्स ने एक महिला समेत दो नक्सलियों को जिंदा पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। मारे गए नक्सली दक्षिण डिवीजन कमेटी के जन मिलिशिया सदस्य बताए जा रहे हैं। इनसे बरामद छोटे हथियार भी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं।

मारे गए नक्सलियों में कुछ ने जो वर्दी पहन रखी है, उनमें भारतीय सेना लिखा होने के साथ मोनो भी बना हुआ है। इस बारे में अभी अधिक जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों के पास न होने की बात वे कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सुकमा में फोर्स को झांसा देने के लिए नक्सली पहले भी उनके समान वर्दी पहनते रहे हैं। 14 मार्च 2018 को किस्टाराम व पालोड़ी के बीच नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवानों के समान वर्दी पहनकर एक एंटी लैंडमाइन को उड़ाया था, जिसमें सीआरपीएफ के नौ जवान शहीद हो गए थे। फोर्स को गच्चा देने ऐसा किया था।