नगद देने के कारण गोदामों में छिपे व्यापारी, किसानों ने बायपास पर लगाया जाम

अशोकनगर.उपज के सही दाम न मिलने और नकद भुगतान को लेकर शनिवार को किसानों ने मंडी में जमकर हंगामा किया। एक घंटे तक मंडी परिसर में हंगामा करने के बाद किसानों ने बायपास रोड पर बाहर =जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश से मामला शांत हुआ। शनिवार को हंगामे की वजह से नीलामी दोपहर 2 बजे से शुरू हो सकी।
सुबह जब डाक के समय किसानों को फसल बेचने के बाद 50 हजार रुपए नकद देने से व्यापारियों ने इंकार किया तभी से विवाद शुरू हो गया। थोड़ी देर में फसल बेचने आए किसान एकत्रित हो गए और मंडी परिसर में आक्रोश दिखाते हुए कुछ व्यापारियों के बाहर रखे बारदाने उठा लिए। किसानों का आक्रोश देखकर व्यापारियों अपनी गोदामों को बंदकर अंदर छुप गए। किसानों ने व्यापारियों के गोदाम से आ रहे ट्रैक्टरों की हवा निकाल दी।
एक घंटे तक जाम
करीब एक घंटे तक परिसर के अंदर हंगामा करने के बाद किसान बाहर बायपास रोड पर आ गए और चक्काजाम कर दिया। इस दौरान अधिकारी और पुलिस भी मौके पर पहुंचे लेकिन किसानों ने चक्काजाम नहीं खोला। इस बीच किसानों ने एक बोलेरो पर पथराव भी किया। मंडी के सामने लेकसिटी से निकल रहे वाहनों को रोकने किसानों ने कॉलोनी का गेट भी बंद कर दिया। पुलिस ने करीब 1 किमी पहले ही वाहनों को रोक दिया।
भावांतर योजना हो बंद
किसानों ने मंडी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए फसल के भाव कम होने की वजह भावांतर योजना बताई। कहा- योजना बंद होना चाहिए। किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह यादव भी पहुंच गए जिन्होंने कहा कि उड़द की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए साथ ही भावांतर योजना की वजह से किसानों की फसल को व्यापारी कम दाम में खरीद रहे हैं।
हमें भावांतर योजना की जानकारी नहीं है। मंडी में हमारे साथ छल होता है। मंडी प्रबंधन पूरी तरह से व्यापारियों से मिलकर कम भाव पर फसल बिकवा रहा है।
राजपाल सिंह, किसान
व्यापारी हमें नकद भुगतान नहीं करते हैं और यदि करते भी हैं तो आधी राशि का। अगर किसान विरोध करते हैं तो मंडी में उपज खरीदी बंद कर दी जाती है।
दर्शन सिंह यादव, किसान