नगरीय निकायों को मुफ्त में दिया जाएगा बांधों से पानी

मध्यप्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में पीने के लिए बांधों से लिया जाने वाला पानी नगरीय निकायों को नि:शुल्क देगी। इसके साथ ही निकायों पर जल संसाधन विभाग के बकाया करीब 40 करोड़ रुपए भी सरकार माफ करने जा रही है। नगरीय विकास विभाग जल्द ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाने जा रहा है।

मध्यप्रदेश के कई नगरीय निकाय पीने का पानी विभिन्न् बांधों से लेते हैं। इसके लिए जल संसाधन विभाग नगरीय निकायों पर शुल्क लगाता है। भोपाल नगर निगम सहित कई निकायों को मिलाकर करीब 40 करोड़ रुपए बकाया है, लेकिन लंबे समय से नगरीय विकास विभाग यह कोशिश कर रहा है कि यह शुल्क माफ हो जाए।

विभाग का तर्क है कि नगरीय निकाय अपने खर्च पर पेयजल की आपूर्ति करते हैं। इसके साथ ही यह प्राकृतिक संसाधन है, इसलिए इस पर शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक जल संसाधन विभाग में जब तक अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया थे, तब तक वे इसके लिए तैयार नहीं थे।

जुलानिया के जाने के बाद विभाग ने यह प्रस्ताव फिर आगे बढ़ाया है। पुराने बकाया को माफ करने के साथ-साथ अब आगे इस शुल्क को खत्म करने का भी प्रस्ताव विभाग ने दिया है। यह मामला जल्द ही कैबिनेट में आ सकता है। उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग सिर्फ बांधों से पानी लेने के लिए ही यह शुल्क लगाता है। नदियों या तालाबों के पानी की सप्लाई के लिए निकायों को कोई शुल्क नहीं देना होता।

भोपाल नगर निगम पर भी था बकाया

सूत्रों के मुताबिक भोपाल और इंदौर नगर निगम पर भी जल संसाधन विभाग का करोड़ों रुपए बकाया थे। भोपाल में कोलार डैम से और इंदौर में यशवंत सागर डैम से पीने के पानी की सप्लाई होती है।