‘नन्हा मेहमान’ बेटा होगा या बेटी…ऐसा पूछने वालों को तुरंत पकड़वाएगा यह नया सॉफ्टवेयर

सीकर

लिंग जांच के लिए डॉक्टर पर दबाव बनाने वाले परिजनों पर भी स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कसेगा। दबाव महसूस होने पर डॉक्टर रेड अलर्ट का स्विच दबाएंगे। जिसका लिंक सीधा स्टेट कार्यालय से रहेगा। वहां सूचना पहुंचते ही एक टीम भिजवाई जाएगी। जो कि अगले 24 घंटे में जांच कर एेसे परिजनों को पकडऩे का काम करेगी।जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से नया सॉफ्टवेयर डेवलप किया गया है। जिसका लिंक सोनोग्राफी सेंटर से  स्टेट ऑफिस में रहेगा। यदि सोनोग्राफी सेंटर पर बैठे डॉक्टर पर किसी भी परिजन द्वारा बच्चे की लिंग जांच के लिए दबाव बनाया जाता है या फिर अन्य तरीके से उसे प्रेशर में लाया जाता है तो सेंटर पर बैठे डॉक्टर को इंपेक्ट सॉफ्टवेयर पर रेड अलर्ट पर क्लिक करना होगा। रेड अलर्ट होते ही इसका मैसेज स्टेट समुचित प्राधिकारी के पास चला जाएगा। जबकि परिजनों को कानो-कान इसकी खबर तक नहीं होगी।

इधर, स्टेट में बैठा अधिकारी तुरंत स्थानीय टीम को रवाना कर इसकी जांच कराएगा और अगले 24 घंटे में लिंग जांच कराने वाले परिजनों को  पकड़ लिया  जाएगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट के जिला कोर्डिनेटर नंदलाल पुनिया ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। रेड अलर्ट कर लिंग जांच कराने वाले परिजनों को पकड़वाने वाले डॉक्टर को मुखबिरी योजना के तहत नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा।

तीन महीने की सजा और जुर्माना

रेड अलर्ट के तहत पकडे़ जाने वाले परिजन को तीन माह की सजा और एक हजार रुपए जुर्माना लगेगा। मुखबिरी योजना में डिकॉय साबित होने पर संबंधित डॉक्टर को दो लाख रुपए का इनाम भी मिलेगा।

जिले में 78 सोनोग्राफी सेंटर

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 78 सोनोग्राफी सेंटर संचालित हैं। सभी सोनोग्राफी मशीनों पर जीपीएस सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। सिस्टम लगने के बाद एक बार जिस जगह पर सोनोग्राफी मशीन लग जाएगी, उसका बाद में जगह परिवर्तन बिना चिकित्सा विभाग की अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। यदि गुपचुप तरीके से कोई मशीन की जगह बदलेगा तो विभाग को इस सिस्टम के जरिए सब पता चल जाएगा और संचालक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी।

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