नर्मदा यात्रा के बहाने 14 किमी साथ रहे दिग्विजय-सिंधिया, किसानों पर हुई बात

इंदौर . प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्राराजनीतिक रंग लेने लगी है। प्रदेश में कांग्रेस के चुनावी चेहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को 14 किमी तक सिंह के साथ रहे। सुबह इंदौर से निकले सिंधिया मोरटक्का पहुंचे तो पता चला कि सिंह सात किमी पीछे हैं तो सिंधिया वहां पहुंच गए। बाद में मोरटक्का आए तो वहां से सात किमी और साथ चले।
– इस दौरान दोनों में किसानों की समस्या, मंडी में भावांतर योजना से परेशानी और सड़कों पर भी बात हुई। सिंधिया और दिग्विजयसिंह करीब ढाई घंटे साथ रहे। दोनों के साथ होने पर कार्यकर्ताओं के चेहरे पर उत्साह था। चर्चा यह भी थी कि इसी तरह वे साथ रहे तो नर्मदा इस बार पार लगा देगी।
– सिंधिया सुबह साढ़े 11 बजे एयरपोर्ट से 30 से ज्यादा वाहनों के साथ निकले। उनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष तुलसी सिलावट, शहर अध्यक्ष प्रमोद टंडन, राजूसिंह चौहान, राजेश चौकसे, अमन बजाज सहित कई बड़े नेता साथ थे। लवाजमे की कमान दीपक राजपूत, पवन जायसवाल के पास थी।
– लिम्बोदी में समंदर पटेल, रवि दांगी ने उनका स्वागत किया। सिमरोल, चोरल, बाई ग्राम, बलवाड़ा में भी स्वागत हुआ। बड़वाह में प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के समर्थकों ने तो मोरटक्का में रवि जोशी समर्थकों ने स्वागत किया। मोरटक्का में सिंधिया के पहुंचने तक सिंह नहीं आए थे। इस पर सिंधिया सिंह की यात्रा में गए और मोरटक्का के पास एक गेस्ट हाउस के पास तक साथ रहे।
समर्थकों के यहां भी पहुंचे
– बाद में सिंधिया वहां से पुनासा, सतवास होते हुए कांटाफोड़ में श्याम होलानी, गणपत पटेल के यहां गए। वहां से खातेगांव गए और फिर कन्नौद होते हुए भोपाल रवाना हुए। पूरे दौरे में सिंधिया का वही मजमा नजर आया, जो पिछले विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय राज्यमंत्री रहते इंदौर से बुरहानुपर तक दौरे में दिखा था।
सीएम की बातों से जुदा है सड़कों की हालत
– सिंधिया ने कन्नौद-खातेगांव की सड़कें देखने के बाद कहा कि सीएम सड़कों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, जबकि हालत क्या है मैंने आज देख ली। बकौल सिंधिया, उन्होंने मंदसौर में किसानों की हत्या के बाद से ही फूलों की माला पहनना बंद कर दी है। अब यह तब तक जारी रहेगा, जब तक कि किसानों पर अत्याचार बंद नहीं होंगे।