नहीं कम हो रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकार का रूख कायम

महंगे पेट्रोल-डीजल पर राज्य के बेतहाशा टैक्स पर सरकार का रुख बरकरार है। सरकार ने वैट और अतिरिक्त कर में समीक्षा से साफ इनकार कर दिया है। इस बीच पेट्रोल डीलर्स का विरो भी ठंडा पड़ गया है। आंदोलन की चेतावनी के बाद डीलर्स का विरोध अचानक बंद हो गया है।

पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने 2 अक्टूबर से ईंधन पर ज्यादा टैक्स के विरोध में आंदोलन का ऐलान किया था। इंदौर पेट्रोल डीलर्स ने पहले प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई थी। आंदोलन की रुपरेखा तय करने के लिए 23 सितंबर को भोपाल में भी बैठक रखी गई थी। हालांकि बाद में बैठक स्थगित कर दी गई। अब 2 अक्टूबर से विरोध के मुद्दे पर भी डीलर्स खामोश हैं। एसोसिएशन की ओर से फिलहाल टैक्स और विरो पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया गया है।

कमीशन बढ़ा

सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियों ने डीलर्स को ईंधन पर मिलने वाले कमीशन में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि डीलर्स कह रहे हैं कि विरोध की घोषणा से पहले ही कमीशन में बढ़ोतरी का फैसला हो चुका था। डीलर्स के मुताबिक कमीशन व अन्य मांगों पर वे केंद्र सरकार और कंपनियों तक अपनी मांगें पहले ही पहुंचा चुके थे। ताजा विरोध तो आम लोगों को महंगे ईंधन से राहत देने लिए किया जा रहा था। हालांकि महंगा ईंधन खरीदने के बावजूद आम जनता सीधे विरोध में शामिल नहीं हो रही है।

घट नहीं रहे दाम

बीते दौर के विरोध और आलोचना का असर महंगे होते तेल पर नजर नहीं आ रहा है। पेट्रोल के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को शहर के पंपों पर पेट्रोल 77 रुपए 15 पैसे प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा था। ये इस साल का सबसे ज्यादा दाम है।

सितंबर की शुरुआत से अब पेट्रोल 76 रुपए से ज्यादा लेकिन 77 रुपए से कम पर अटका था। अब उसने 77 का आंकड़ा भी पार कर लिया है। हालांकि डीजल के दामों में दो-तीन दिनों में करीब 20 पैसे प्रति लीटर की राहत मिली है। शनिवार को डीजल के दाम 65 रुपए 4 पैसे प्रति लीटर रहे।