नांदेड़-अमृतसर एक्सप्रेस का कोच खराब, रातभर जंगल में खड़ी रही ट्रेन

हजूर साहिब नांदेड़ से चलकर ग्वालियर होते हुए अमृतसर जा रही नांदेड़-अमृतसर एक्सप्रेस का गार्ड कम पार्सल यान खराब हो जाने की वजह से ट्रेन विदिशा के पास जंगल में रातभर खड़ी रही। रातभर ट्रेन का गार्ड, लोको पायलट इधर-उधर सूचना देते रहे लेकिन करीब पांच घंटे बाद मदद मिली।

इतना ही नहीं ट्रेन में सुरक्षा के नाम पर एक जवान तक नहीं था। सुबह जब कोच बदला गया तब ट्रेन रवाना हुई। लेकिन इसके बाद भी यात्रियों की परेशानी कम नहीं हुई क्योंकि पूरी ट्रेन में पानी नहीं था और यात्रियों के पास जो पीने का पानी था वह भी खत्म हो चुका था। इसके चलते सफर में यात्री पानी तक के लिए तरस गए।

ट्रेन नांदेड़ से चलकर रात करीब 12.30 बजे भोपाल पहुंची। इसके बाद ट्रेन भोपाल से ग्वालियर के लिए रवाना हुई। जब ट्रेन करीब 1.30 बजे विदिशा के पास स्थित सूरी स्टेशन से गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक गार्ड ब्रेक यान में कुछ तकनीकि खामी आ जाने की वजह से ट्रेन को रोकना पड़ा।

कोच खराब होने के बाद भोपाल और बीना स्टेशन पर सूचना दी गई। लेकिन यहां अतिरिक्त पार्सल यान उपलब्ध नहीं था। इसके बाद ट्रेन जंगल में ही खड़ी रही। रातभर यात्रियों की दहशत में गुजरी। ट्रेन के गार्ड और चेकिंग स्टाफ ने सभी कोच अंदर से बंद करवा दिए।

जब कहीं से कोच का इंतजाम नहीं हुआ तो खराब कोच को हटाया गया। इसकी जगह इंजन के ठीक पीछे लगा पार्सल यान यहां से हटाकर पीछे लगाया गया। इसमें काफी समय लगा। इसके बाद ट्रेन सुबह करीब 7 बजे ग्वालियर के लिए रवाना हो सकी।

इस दौरान ट्रेन के सभी कोचों में पानी खत्म हो गया। ट्रेन में पानी झांसी में भरा जाता है लेकिन ट्रेन वहां पहुंची ही नहीं तो पानी खत्म हो गया। इसके बाद सुबह पानी की इतनी किल्लत हो गई कि एक बूंद पानी नहीं था। ट्रेन में पेंट्रीकार नहीं थी, जिसके चलते यात्री पानी की बोतल तक नहीं खरीद सके। ट्रेन जब बीना पहुंची तब यात्रियों ने पानी लिया।