पहली मुलाका डोकलाम विवाद के बाद मिले मोदी-जिनपिंग BRICS समिट में

शिखर सम्मेलन के तीसरे और आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत शुरू हो गई है। डोकलाम विवाद के बाद मोदी-जिनपिंग की यह पहली मुलाकात है, जिसे काफी अहम माना जा रहा है। बता दें कि अब तक डोकलाम विवाद के बाद पीएम और जिनपिंग की ये पहली औपचारिक मुलाकात हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के नेताओं के बीच यह मुलाकात डोकलाम विवाद को पूरी तरह से खत्म करने के नजरिए से भी काफी अहम मानी जा रही है। बता दें कि नौवां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन चीन के शियामेन शहर में रविवार से चल रहा है।

खत्म हो सकता है डोकलाम विवाद
भारतीय समयानुसार मोदी-जिनपिंग के बीच यह मुलाकात मंगलवार सुबह 10 बजे होगी। सूत्रों की मानें तो दोनों देशों के नेताओं के बीच होनी वाली इस मुलाकात से डोकलाम को लेकर चल रहा विवाद खत्म हो सकता है।  इससे पहले सोमवार को पीएम मोदी ने औपचारिक रूप से ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की।

BRICS घोषणा पत्र में जैश-ए-मोहम्मद का नाम, मसूद पर बैन के सवाल पर चीन ने साधी चुप्पी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तेज विकास को प्रोत्साहन देने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच एक मजबूत भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इस संगठन ने सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है और अनिश्चितता की ओर जाती दुनिया में स्थिरता के लिए योगदान दिया है। चीन के शियामेन शहर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि व्यापार और अर्थव्यवस्था ब्रिक्स से जुड़े पांचों देश – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के बीच सहयोग की नींव है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में काम आया भारत का आतंकवाद और सुरक्षा पर दबाव​
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दो दिनों में भारत ने ना केवल अपनी मजबूत दावेदारी पेश की बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कूटनीतिक जीत भी हासिल की। आपको बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में पहली बार पाकिस्तान के आतंकी समूहों का नाम शामिल किया जाना भारतीय कूटनीति खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत बड़ी जीत है। पीएम इससे पहले जी-20 से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक के हर मंच से आतंकवाद को लेकर दुनिया के दोहरे मापदंड पर हमला बोल चुके हैं।