पाकिस्तानी चीनी का शुरू हुआ विरोध, एनसीपी, एमएनएस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

ठाणे. पाकिस्तान से महाराष्ट्र पहुंची चीनी का विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को राज ठाकरे की पार्टी (एमएनएस) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(एनसीपी) कार्यकर्ताओं ने ठाणे में जमकर प्रदर्शन किया। एनसीपी कार्यकर्ता कल्याण के पास दहिसर मोरी इलाके में एक शक्कर गोदाम में पहुंचे और वहां रखी शक्कर की बोरियों को फाड़ कर उसे गिरा दिया।

पाकिस्तान से मंगवाई गई है 60 लाख मीट्रिक टन चीनी
– बता दें कि केंद्र सरकार ने 60 लाख मीट्रिक टन शक्कर पाकिस्तान से इम्पोर्ट कर नवी मुंबई एपीएमसी मार्केट में मंगवायी है। एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड का आरोप है पहले ही ढाई लाख मेट्रिक टन शक्कर गोदाम में पड़ा हुआ है। इसके बावजूद पाकिस्तान से केंद्र सरकार ने शक्कर मंगवाई है।
– इसी बात का विरोध करते हुए एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड सोमवार को कुछ कार्यकर्ताओ के साथ कल्याण के शक्कर गोदाम में पहुंचे और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने चीनी की बोरियों को नुकसान पहुंचाया और उसमें रखी शक्कर को जमीन पर गिरा दिया।

एमएनएस ने भी दी चेतावनी
– महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने नवी मुंबई बाजार में पाकिस्तान से आयातित चीनी की बिक्री और वितरण का विरोध किया। पार्टी ने कहा कि यह कदम घरेलू गन्ना किसानों के हित के खिलाफ काम करेगा और उनके लाभ को कम करेगा।
– स्थानीय मनसे नेताओं ने वाशी कृषि उत्पादन बाजार समिति, राज्य की सबसे बड़ी ऐसी इकाई में थोक व्यापारियों का दौरा किया, और चीनी को वितरित करने के खिलाफ व्यापारियों को चेतावनी दी।
– मनसे के नवी मुंबई इकाई के प्रमुख गजानन काले का कहना है की “पिछले साल से आगे बढ़ने वाले चीनी स्टॉक के अलावा, देश में चीनी के उत्पादन में पहले से ही अधिक है, अगर इसके बाद भी भारत सरकार पाकिस्तान से चीनी आयात करती है तो ये देश के गन्ना किसानों के लिए सही नही है, हम पाकिस्तानी चीनी के आयात के खिलाफ है।”

पाकिस्तान में हुआ है शक्कर का रिकॉर्ड उत्पादन
– शक्कर के रिकॉर्ड उत्पादन ने महाराष्ट्र की नींद उड़ा दी है। कुछ महीनों पहले विधानसभा में एनसीपी नेता अजित पवार ने यह मुद्दा उठाया था। उस दौरान पवार ने कहा था,” किसी भी स्थिति में पाक की शक्कर भारत में आयात न हो। यदि पाकिस्तान से शक्कर की खेप आई तो महाराष्ट्र में शक्कर कारखाने बर्बाद हो जाएंगे।”
– जिसके बाद सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख ने कहा था कि आयात शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजेंगे। प्रदेश में शक्कर उत्पादन से संबंधित जो भी परेशानियां हैं, उसका हल जल्द निकाला जाएगा।
– पवार ने कहा था कि इस वर्ष पाकिस्तान में 15 लाख टन से ज्यादा शक्कर का उत्पादन हुआ है। पाकिस्तान शक्कर की खेप निर्यात करनेवाला है। निर्यात में वह बहुत ज्यादा छूट दे रहा है। यदि पाकिस्तान की चीनी भारत में आई तो यहां का शक्कर उद्योग दिवालिया हो जाएगा। शक्कर की कीमत भी 3600 रुपये प्रति कुंतल से घटकर 3100 रुपए प्रति कुंतल रह गई है। इस बीच भाजपा विधायक एकनाथ खड़से ने कहा कि सरकार ने कई सारे जीआर जारी किए हैं, जिसे रद्द किया जाना चाहिए। अन्यथा शक्कर उद्योग का और भी बुरा हाल हो जाएगा।