पाक में लिखी डायरी से निकलेगा गीता के घर का पता ,कोशिशे जारी …

आप की जानकारी के लिए बता दे की पाकिस्तान से आजाद होकर भारत में वापस लोटी हिंदुस्तान की बेटी गीता के परिवार का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है |सरकार और अन्य सामाजिक संगठन अपनी तरफ से तमाम कोशिशे कर चुके है ,पर हल अब भी वही है |कई लोग उसे अपना बताने का दवा कर रहे है |

पाकिस्तान से लौटी गीता के परिवार का पता लगाने की हर कोशिश नाकाम होने के बाद | गीता की जड़ तलाशने की कोशिश के तहत विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से गीता की हस्तलिखित डायरी प्राप्त की है।इसके 19 पन्नों में गीता ने अपने पाकिस्तान प्रवास के दौरान कई बातें लिखी हैं। इनमें कुछ रोमन लिपि में तो कुछ किसी भारतीय भाषा में हैं। इन पन्नों को ट्वीट करते हुए सुषमा ने जनता से यह किस क्षेत्र का है उसकी जानकारी देने का आग्रह किया है। बोलने और सुनने में अक्षम गीता को पाकिस्तान से 26 अक्टूबर, 2015 को भारत लाया गया था।

आने के बाद से वह इंदौर स्थिति एक गैर सरकारी संगठन के साथ रह रही है।गीता ने रोमन में यह भी लिखा है, ‘हे भगवान, मुझे मेरे मां-बाप से मिलवा दो। मुझे उनकी बहुत याद आती है। मैं उनसे बहुत प्यार करती हूं।’ इसके अलावा कुछ बातें जिस भाषा में लिखी हुई हैं, उनको लेकर भी स्पष्टता नहीं है। इसके कुछ शब्द संथाली या झारखंड-ओडिशा सीमा पर बोली जाने वाली स्थानीय भाषाओं से मिलते-जुलते हैं।