पुनर्जन्म के रिश्तों में उलझी ‘राब्ता’ की कहानी

फिल्म का नाम: राब्ता
डायरेक्टर: दिनेश विजन
स्टार कास्ट: सुशांत सिंह राजपूत, कृति सैनन, राजकुमार राव, जिम सर्भ, वरुण शर्मा अवधि:2 घंटा 34 मिनट
सर्टिफिकेट: U/A
रेटिंग: 2.5 स्टार

कॉकटेल, एजेंट विनोद, हिंदी मीडियम जैसी कई सारी फिल्मों को प्रोड्यूस करने के बाद अब दिनेश विजन ने डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया है और उन्होंने ‘राब्ता’ फिल्म को डायरेक्ट किया है. फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत और कृति सैनन को साथ में लेकर पुनर्जन्म के रिश्तों पर आधारित लव स्ट्रोय तैयार की गई है. जिसे लेकर काफी कंट्रोवर्सी भी हुई कि ये साउथ की फिल्म ‘मगधीरा’ की कॉपी है. लेकिन वो केस भी राब्ता के पक्ष में आया. आज रिलीज हुई राब्ता की कहानी कैसी है आइए जानें.
कहानी
फिल्म की कहानी पंजाब से शुरू होती है जहां शिव कक्कर (सुशांत सिंह राजपूत) के परिवार वाले उसे एयरपोर्ट पर छोड़ने आते हैं क्योंकि उसकी जॉब बुडापेस्ट के बैंक में लग गयी है. फ़्लर्ट करने में नंबर वन शिव बुडापेस्ट पहुंचते ही एक चॉकलेट स्टोर पर सायरा सिंह (कृति सैनन) से मिलता है. यहीं से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू होकर स्टोर से लेकर सायरा के बेडरूम तक पहुंचता है. लेकिन फ्लर्ट से शुरू हुई ये कहानी प्यार में तब्दील होती है. लेकिन एक दिन पार्टी करते हुए दोनों का सामना बिजनेसमैन जाकिर मर्चेंट (जिम सर्भ) से होता है जिससे इन दोनों का पिछले जन्म का नाता होता है. कहानी फ्लैशबैक में जाती है और वहां अलग ही दुनिया आपके सामने आती है. राजा, रानी लड़ाई सब कुछ होता है और फिर से कहानी फ्लैशबैक से वापस प्रेजेंट डे में आती है और शिव-सायरा की लव स्टोरी को अंजाम मिलता है या नहीं. ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

कमज़ोर कड़ियां

– फिल्म की शुरुआत तो अच्छी होती है लेकिन सिलसिलेवार घटनाएं क्यों हो रही हैं, इसके पीछे क्यों कब कैसे हो रहा है. इस सवाल का जवाब आपको नहीं मिल पाता है. इंटरवल के बाद जब कहानी फ्लैशबैक में जाती है तो उस पल भी कहानी में अलग ही तरह का कन्फूजन रहता है. खासतौर से उस दौर के किरदारों की बातचीत करने की स्टाइल काफी कन्फ्यूज करती है जिसे बड़े ध्यान से सुनना पड़ता है. इन किरदारों को और बेहतर तरीके से सजाया जा सकता था.
– फिल्म देखते हुए आपको लगता है कि मेकर बनाना कुछ और चाहते थे लेकिन बनते-बनते कुछ और ही बन गया, जिसकी वजह से स्क्रीनप्ले पर काम करने की विशेष जरूरत थी. बुडापेस्ट में सरेआम कई सारी घटनाएं घटती जाती हैं. चॉकलेट स्टोर में अचानक दो अजनबी बातों में लग जाते हैं. कहानी शहर से टापू पर पहुंचती है. टापू से समंदर में कई घटनाएं घटती हैं, ये सब कुछ बहुत ही काल्पनिक लगता है और इक्कीसवीं सदी में बहुत ही बनावटी भी.
– दिनेश विजन की पिछली फिल्मों जैसे कॉकटेल, हिंदी मीडियम का संगीत बहुत ही उम्दा था, लेकिन इस बार राब्ता का संगीत रिलीज से पहले हिट नहीं हो पाया. केवल टाइटल ट्रैक और ‘इक वारी’ ही हर जगह सुनने को मिला.
– फिल्म की कहानी में फ्लैशबैक डिस्टरबिंग है इसे या तो आज में या पीरियड में बेस किया जाता तो शायद और दिलचस्प होती. अब ये आलम है की मिर्जिया, लव स्टोरी 2050 वाली फीलिंग इस फिल्म से आती है.

कुछ इस तरह फाइनल हुआ फिल्म ‘राब्ता’ में कृति का ऑनस्क्रीन लुक

क्यों देख सकते हैं ये फिल्म
सुशांत सिंह राजपूत ने प्रेजेंट डे और पास्ट के किरदार को बखूबी निभाया है और उन्हें देखकर लगता है कि कितनी मेहनत इस तैयारी में लगी होगी. वहीँ पिछली फिल्मों से काफी बेहतर अदाकार कृति सैनन करती हुई दिखाई दी हैं. राजकुमार राव का लुक कमाल का है, लेकिन उन्हें और साफ जबान में बात करते हुए दिखाया जाता तो वो किरदार और भी दिलचस्प लगता. वरुण शर्मा की मौजूदगी उनकी हर फिल्म जैसी ही है, कुछ अलग नहीं है. जिम सर्भ की मौजूदगी शायद सबको पसंद ना आ पाये पर कोशिश अच्छी है. विजुअल के लिहाज से फिल्म काफी रिच है और देखने में अलग फीलिंग्स आती है.
बॉक्स ऑफिस
फिल्म का बजट लगभग 55 करोड़ बताया जा रहा है और साथ ही इसे भारत में 1500 से ज्यादा और विदेश में 330 स्क्रीन्स में रिलीज किया जा रहा है. सुशांत सिंह राजपूत और कृति सैनन जैसी स्टार कास्ट की वजह से फिल्म को बम्पर ओपनिंग मिलने की सम्भावना है.