पुनर्वास स्थलों को मिनी स्मार्ट सिटी और स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित किया जाये – श्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरदार सरोवर परियोजना के पुनर्वास स्थलों को आदर्श रूप में विकसित किया जाये। इनमें सभी मूलभूत सुविधायें सुनिश्चित की जायें ताकि यहाँ निवासरत परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ पुनर्वास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन 83 पुनर्वास स्थलों में निसरपुर को मिनी स्मार्ट सिटी और शेष को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने की कार्य योजना बनाई जाये। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को अपना मित्र मानते हुये उनके लिये पुनर्वास स्थलों पर सड़क, पीने का पानी, स्ट्रीट लाइट तथा नाली आदि व्यवस्थायें बेहतर ढ़ंग से की जायें। विकसित पुनर्वास स्थलों पर आवश्यक निर्माण कार्य शीघ्र कराये जायें। उन्होंने डूब क्षेत्र में वर्तमान निवासरत विस्थापित परिवारों को घोषित पैकेज के अंतर्गत शेष बची राशि में से कुछ राशि के भुगतान के भी निर्देश दिये। इस दौरान बताया गया कि जिन 2033 विस्थापितों परिवारों के पास आवासीय भूखण्ड नहीं थे उन्हें भूखण्ड उपलब्ध कराये गये हैं। बड़वानी जिले में दस घाट नागरिकों के लिये आरक्षित किये गये हैं। मछुआरों की 26 सहकारी समिति बनाई गयी हैं। पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं पर 62 करोड़ रूपये खर्च किये गये हैं। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, सामान्य प्रशासन मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास श्री रजनीश वैश्य, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री प्रमोद अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री विवेक अग्रवाल तथा आयुक्त इंदौर संभाग, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इंदौर, तथा संबंधित जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक आदि अधिकारीगण उपस्थित थे।