पुरुषों का डर दूर करने के लिए इस आशा वर्कर ने अपने पति की नसबंदी करवा दी

जयपुर। राजस्थान की एक आशा सहयोगिनी ने पुरुष नसबंदी के बारे में पुरूषों का डर और हिचक दूर करने के लिए अपने घर से शुरूआत की और सबसे पहले अपने पति की नसबंदी कराई।

ललिता राठी नाम की इस आशा सहयोगिनी ने एक वर्ष में 25 पुरुष नसबंदी कराई। ललिता को राजस्थान सरकार ने जनसंख्या दिवस पर बुधवार को हुए कार्यकम में पांच हजार रुपए और ट्राॅफी देकर सम्मानित किया।

राजस्थान में आदिवासी बहुल जिले बारां में कार्यरत आशा सहयोगिनी ललिता ने बताया कि पुरूषों में नसबंदी को लेकर कई तरह के डर और हिचक है। इसे दूर करना उसके लिए चुनौती था। इसके लिए सबसे पहले उसने पति को राजी किया। उसके पति महेन्द्र सिंह एक पेट्रोल पम्प पर काम करते है। ललिता के दो बच्चे है।

महेन्द्र सिंह ने दो वर्ष पहले नसबंदी कराई और इसके बाद ललिता ने अपने पति का ही उदाहरण देकर कई महिलाओं को इस बात के लिए प्रेरित किया वे अपने पतियों को पुरुष नसबंदी के लिए तैयार करें। इस काम में ललिता को सफलता मिली।

बांरा में पिछले एक वर्ष 198 पुरुष नसबंदी हुई और इनमें 25 ललिता ने कराई। इनके अलावा 15 महिला नसबंदी भी कराई। गौरतलब है कि राजस्थान में सिर्फ 1.2 प्रतिशत पुरुष नसबंदी होती है।