पुरे जिले में सूखे के बाद भी किसानो ने लक्ष्य के करीब तक उत्पन्न की धान….

अभी तक की सबसे बड़ी खबर छत्तीसगढ़ से मिल रही है ,बता दे की राज्य का एक जिला ऐसा भी है जिसमे चारो तहसील सूखे घोषित हो चुके है ,उसके बाद भी किसानो ने रिकॉर्ड धान की खेती कर उसे लक्ष्य के करीब पहुंचा दिया चलिए बताते है आपको पूरी खबर …धमतरी जिले के सभी चारों तहसील खरीफ सीजन में सूखाग्रस्त घोषित किए गए है। इसके बावजूद धान का बम्फर उत्पादन हुआ है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी अभी एक माह बाकी है। अब तक 30.63 लाख क्विंटल धान खरीदा जा चुका है।

इसके साथ ही धान की खेती लगभग 80 प्रतिशत के करीब तक जिले में पहुँच गयी है |जिले के धमतरी, कुरुद, नगरी और मगरलोड तहसील में 15 नवंबर 2017 से समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू हुई। खरीदे गए धान की यह मात्रा लक्ष्य के करीब है। धमतरी जिला में वर्ष 2017-18 में समर्थन मूल्य में कुल 37 लाख 47 हजार 50 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य है। खरीफ में अल्प वर्षा और खंड वर्षा के चलते शुरूआत में हालांकि सिंचाई पानी के लिए खेतों में थोड़ी दिक्कत जरूरी हुई, लेकिन बाद में बारिश होने से किसानों के धान फसल सम्हल गई। धमतरी तहसील के डुबान क्षेत्र समेत नगरी और मगरलोड तहसील में धान फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। इस क्षेत्र के अधिकांश किसानों के खेतों में धान नहीं हुआ।

जबकि धमतरी व कुरूद क्षेत्र में फसल उतनी प्रभावित नहीं हुई। उत्पादन भी प्रभावित नहीं हुआ। धान फसल अच्छी रही। नगरी व मगरलोड तहसील में भी सिंचाई मोटरपंप सुविधा वाले किसानों की धान फसल ठीक-ठाक रही। यही वजह है कि खरीदी केन्द्रों में धान की बम्फर आवक हो रही है।

बता दे की सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद भी जिले के अधिकाधिक किसानों ने समर्थन मूल्य में धान बेचा है। जिले में कुल 73438 किसान समर्थन मूल्य में अपना धान बेच चुके हैं। इन किसानों को भविष्य में 300 रुपए बोनस का भी लाभ मिलेगा। मगरलोड में 9 हजार 155 किसानों ने धान बेचा है। जिले के किसानों ने अब तक कुल 4 अरब 82 करोड़ 8 लाख 60 हजार 348 रुपए का धान बेचा हैं।