पुलिस पर पहुंची दीपक की पीएम रिपोर्ट, डॉक्टर की राइटिंग समझ नहीं आ रही

ग्वालियर. समाधिया कॉलोनी में रहने वाले रमेशचंद जैसवानी के इकलौते बेटे दीपक की मौत के मामले में पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद भी विडंबना यह कि झांसी रोड थाने के इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर को पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर की हैंडराइटिंग समझ नहीं आई है। हैंडराइटिंग समझ आएगी, तब पता चलेगा कि मर्डर है या हादसा। 20 सितंबर की रात दीपक की लाश झांसी रोड इलाके में रेलवे ट्रैक पर पड़ी मिली थी।
– इस मामले में पहले पुलिस को लगा था कि दीपक ने सुसाइड किया है। दीपक घर से बाइक पर निकला था और उसने रेलवे स्टेशन पर अपनी बाइक खड़ी कर दी थी। इसके बाद वह रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा, कुछ पता नहीं चला।
– नजरबाग मार्केट स्थित धर्मपुरी मंदिर के पास दीपक की जूतों की दुकान निगम ने अतिक्रमण मानते हुए हटा दी थी। दुकान पर दीपक के पिता भी बैठते थे। दीपक ने खुशी-खुशी दूसरी जगह दुकान के लिए जगह मिल जाने का जिक्र अपने माता-पिता से भी किया था।
– कोल्ड ड्रिंक में नशे की गोली और चोटें, यहां से पैदा हुई उलझन: दीपक के मामा दिलीप पमनानी ने बताया था कि दीपक का उसके दोस्तों से लेनदेन का मामला चल रहा था। उसने अपने दोस्तों को कुछ रकम दी थी, जो वह वापस मांग रहा था। वापस न मिलने पर वह तनाव में भी चल रहा था।
– बुधवार की रात दीपक ने अपनी मां संगीता व पिता रमेश को कोल्ड ड्रिंक पिलाई और फिर घर से बाइक से निकल गया। इसके बाद रात को एक दोस्त ने दीपक की बहन को फोन करके कहा कि दीपक के घर माता-पिता घायल व बेहोश पड़े हैं और रेलवे ट्रैक पर दीपक की लाश पड़ी है।
– अगर दोस्त पहले घर पहुंचे थे तो उन्होंनेे घायल माता पिता को देख पुलिस को खबर क्यों नहीं की और सीधे ट्रैक पर कैसे पहुंच गए। कोल्ड ड्रिंक में नशीली गोली मिलाई गई थीं क्योंकि माता-पिता दोनों को गुरुवार दोपहर तक होश आ सका।
– दीपक की मां के गले पर पर चाकू व पिता की पीठ पर ब्लेड जैसे निशान हैं। कोल्ड ड्रिंक में नशीली गोलियां किसने मिलाईं और हमला किसने किया यह जांच का विषय है।