पेंशनभोगियों को मिलेगी आधार की दिक्कतों से आजादी, सरकार ने किया ये नियम साफ

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेंशन से जुड़े एक नियम में ढिलाई देते हुआ कहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों को अपना पेंशन लेने के लिए अब आधार कार्ड या नंबर की आवश्यकता नहीं है. कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने स्वैच्छिक एजेंसियों की स्थायी समिति की 30वीं बैठक में कहा मंगलवार को कहा कि आधार एक अतिरिक्त सुविधा है. यह जीवित रहने का प्रमाणपत्र सौंपने के लिए बैंक का चक्कर काटने से बचाता है और तकनीक का इस्तेमाल करने में समर्थ बनाता है.

बता दें कि बैंकों ने उन खातों पर समय समय पर रोक लगा दी जिनमें आधार कार्ड लिंग नहीं किया गया है. इससे ज्यादा नुकसान पेंशनभोगियों को हो रही है. इन लोगों को बैंक से पेंशन नहीं मिल पा रहा है. सरकार ने ऐसे रिटायर्ड कर्मियों के लिए यह छूट दी है और साफ किया है कि बैंक इसका रास्ता निकालें और पेंशन से किसी को वंचित न रखें. कई बार ऐसा होता है कि रिटायर्ड कर्मियों का खर का खर्चा इसी पर चलता है. पेंशन रुक जाने की वजह से इन लोगों के साथ पूरे परिवार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है.

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को पेंशन लेने के लिए आधार अनिवार्य नहीं किया गया है. बैंकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने बताया कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 9000 रुपये किया गया है. ग्रेच्युटी सीलिंग को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया है. तय चिकित्सा भत्ता 1000 रुपये प्रति माह किया गया है. इसके अलावा अन्य सुविधाएं भी दी गई हैं.

जानकारी के लिए बता दें कि सरकार 12 अंकों वाला आधार भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकार (यूआइडीएआइ) जारी किया है. इससे सरकार को कई जगह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिली है और कई घोटाले भी उजागर हुए हैं. आधार पहचान और पता के सुबूत के रूप में काम करता है.

सरकार की ओर से जारी इस स्पष्टीकरण के बाद करीब एक करोड़ परिवारों को फायदा पहुंचेगा. केंद्र सरकार के करीब 48.41 लाख कर्मचारी हैं और 61.17 लाख पेंशन धारक हैं