पेट्रोल कीमतों में फिर लगी आग, 8 दिन में दाम 80 रुपये के पार!

पेट्रोलडीजल की बढ़ती कीमतें फिर से आम आदमी को सताने लगी है. मार्च महीने के पहले 8 दिन में ही  पेट्रोल के दाम 1 रुपये तक बढ़ गए है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल महंगा होने और भारतीय रुपये में आई कमजोरी के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं. 9 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम 72.43 रुपये प्रति लीटर हो गए है. वहीं, डीजल 63 रुपये के नजदीक यानी 62.88 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

मुंबई
9 मार्च 80.30 रुपये प्रति लीटर
1 मार्च 79.45 रुपये प्रति लीटर

महंगा: 0.85 रुपये प्रति लीटर

कोलकाता
9 मार्च 75.16 रुपये प्रति लीटर
1 मार्च 74.32 रुपये प्रति लीटर
महंगा: 0.84 रुपये प्रति लीटर

दिल्ली
9 मार्च 72.43 रुपये प्रति लीटर
1 मार्च 71.57 रुपये प्रति लीटर
महंगा: 0.86 रुपये प्रति लीटर

चेन्नई
9 मार्च 75.12 रुपये प्रति लीटर
1 मार्च 74.21 रुपये प्रति लीटर
महंगा: 0.91 रुपये प्रति लीटर

क्यों महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल
केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया ने न्यूज18हिंदी को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (क्रूड) 3 मार्च से 9 मार्च तक करीब 2 डॉलर प्रति बैरल महंगा हो गया है. इसीलिए लागत बढ़ने के चलते कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दी है. हालांकि, कीमतों में ज्यादा बड़े उछाल की आशंका कम ही है.

महंगे क्रूड से भारत पर क्या होगा असर
भारत अपनी जरूरतों का 82 फीसदी क्रूड इंपोर्ट करता है. क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल उसी रेश्‍यो में बढ़ रहा था, जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट पर असर पड़ रहा था. वहीं, अगर क्रूड सस्ता होता है तो सरकार को एक बार फिर बैलेंसशीट सुधारने का मौका मिलेगा.बजट से पहले इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया था कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ती हैं तो उस रेश्‍यो में ग्रोथ में 0.2 से 0.3 फीसदी तक की कमी आ जाती है. वहीं, डब्ल्यूपीआई इन्फ्लेशन में 1.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी होती है. इसी तरह से करंट अकाउंट डेफिसिट 1000 करोड़ डॉलर बढ़ सकता है. ऐसे में क्रूड की कीमतें गिरने से सरकार के लिए ये चिंताएं कम होंगी.