पेट्रोल-डीजल का ‘खेल’: भारी मुनाफ़ा सरकार की जेब में, जनता के ‘मुंह’ में जीरा !

नई दिल्ली.  अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भले ही कच्चे तेल की कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट आई हो लेकिन उसका वास्तविक लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा है। ज़ाहिर है इससे केंद्र में बैठी मोदी सरकार के खजाने में करोड़ों रूपए की बरसात ज़रूर हो रही है।

जानकारी के मुताबिक़ जून 2014 में 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 27.10 डॉलर प्रति बैरल तक उतर चुका है जो लगभग 13 साल में अब तक का निचला स्तर है।

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