पोर्टेबिलिटी के बाद मोबाइल कंपनी को लौटानी होगी शेष राशि : ट्राई

रांची। फिलहाल जिन कंपनियों ने सेवाएं बंद कर दी हैं, उनके उपभोक्ताओं के खाते में बचे पैसे को वापस कराने का प्रयास किया जा रहा है।

इसके तहत संबंधित उपभोक्ताओं के खाते में बचे 10 पैसे से ऊपर की राशि संबंधित मोबाइल सेवा कंपनियों को वापस करनी होगी। यह बातें टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राइ) के चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहीं।

वह गुरुवार को चेंबर भवन में कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय था, कंज्यूमर आउटरिच प्रोग्राम-इनीसिएटिव्स ऑफ टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया।

आरएस शर्मा ने कहा, यदि किसी कंपनी के एक करोड़ उपभोक्ता हैं और उपभोक्ताओं के खाता में 100-100 रुपये भी शेष रह गए हैं, तो कंपनी के पास 100 करोड़ की राशि जमा है।

ऐसे में कंपनियों को किसी प्रकार का घाटा नहीं हुआ। उपभोक्ता पोर्टेबिलिटी के तहत दूसरी कंपनी से जुड़ गए। फिर भी उनके खाते में शेष बचे पैसे नई कंपनी की सेवा से जुड़ने पर ट्रांसफर नहीं हुए।

बताया कि पहले प्री-पेड सर्विस के तहत पैसा वापस करने का प्रावधान नहीं था, लेकिन अब ट्राइ यह प्रावधान करने जा रहा है।

उपभोक्ताओं द्वारा पोर्टेबिलिटी करते ही संबंधित कंपनी के उनके खाता में बचे पैसे को भी ट्रांसफर करना होगा। ट्राइ के चेयरमैन ने बताया कि मोबाइल टावर से रेडिएशन फैलने, रेडिएशन से कैंसर होने की अफवाह फैलाई जा रही है।

यह कोई इलेक्ट्रो मैग्नेटिक वेब रेडिएशन नहीं है, रेडियो वेब है। क्वालिटी ऑफ सर्विस से उपभोक्ता परेशान ट्राइ के चेयरमैन ने मोबाइल डाटा की चर्चा करते हुए कहा कि पहले लोग डाटा स्टॉक की बात करते थे, लेकिन आज लोग फ्री डेटा का उपयोग कर रहे हैं।

2जी, 3जी व 4जी उपभोक्ताओं के बीच क्वालिटी ऑफ सर्विस को लेकर परेशानियां बढ़ रही हैं। कॉल ड्रॉप की समस्याएं आ रही हैं। उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अब टावर स्तर पर यह अध्ययन किया जाएगा कि कितनी संख्या में संबंधित टावर से कॉल ड्रॉप हो रहे हैं।

वॉयस-म्यूजिक के प्रोडक्ट को भी इंप्रूव करना होगा। 5जी की हैं तीन विशेषताएं ट्राइ के चेयरमैन ने बताया कि नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी के तहत 5जी की तीन विशेषताएं हैं।

रियल टाइम एप्लीकेशन, बड़ी मात्रा में डाटा डिलिवरी एवं तीसरा मशीन-टू-मशीन कम्युनिकेशन की क्षमता। कम समय में होगी पोर्टेबिलिटी ट्राइ के चेयरमैन ने कहा कि अब कम से कम समय में पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध होगी।

पोर्टेबिलिटी के नए नियम के तहत रियल टाइम सर्विस, लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के तहत ब्लॉक चेन की सेवा दो-तीन दिनों के अंदर शुरू हो जाएगी।

ट्राइ से संबंधित नहीं है एयरसेल का मामला कार्यक्रम में एयरसेल के कई डिस्ट्रीब्यूटर्स ने ट्राइ के चेयरमैन से पूछा कि कंपनी द्वारा अचानक सर्विस बंद किए जाने से उनके 2.50 करोड़ रुपये डूब चुके हैं।

क्या ट्राइ इस मामले में कोई कार्रवाई कर सकता है। इस पर ट्राइ के चेयरमैन ने कहा कि यह एयरसेल व आपके बीच का मामला है। ट्राइ का इससे कोई संबंध नहीं है।