प्रदेश की सभी 108 एंबुलेंस में कोई न कोई खामी , अधिकांश में वेंटिलेटर भी बंद |

लोगों की जान बचाने के लिए प्रदेशभर में चलाई जा रहीं 606 एंबुलेंस (108) “संजीवनी ” चल रही है | लेकिन इन एंबुलेंस में मरीजों के ब्लड प्रेशर, शुगर, पल्स व टेंप्रेचर आदि की जांच  भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है।यह हाल प्रदेश की ज्यादातर एंबुलेंस का है। इसमें साधारण एंबुलेंस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) और एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) दोनों शामिल हैं। गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए हर जिले में एक एएलएस एंबुलेंस है, लेकिन अधिकांश में  वेंटिलेटर बंद हैं। जबकि   प्रदेश सरकार एंबुलेंस संचालन करने वाली  (जेडएचएल) को प्रति एंबुलेंस हर महीने 2 से 3 लाख रुपए दे रही है।वही पर 108  एम्बुलेंस  के कर्मचारियों का भी कहना है की एम्बुलेंस में जरूरी उपकरण अधिकांश समय ख़राब ही  रहते है |