प्रदेश में दिल का पहला सरकारी अस्पताल एसीआई आज से, ओपीडी 3 घंटे की

रायपुर।प्रदेश में हार्ट का पहला सरकारी सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल यानी एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) बुधवार से राजधानी में शुरू होने जा रहा है। राज्य स्थापना दिवस पर यह संस्थान शुरू होगा और पहले दिन सरकारी छुट्टी के बावजूद हार्ट के मरीजों के लिए सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक ओपीडी चलेगी। इससे पहले, मंगलवार को एस्कार्ट हार्ट सेंटर अधिकारिक रूप से अंबेडकर अस्पताल के अधीन कर दिया गया है।
– एसीआई में बुधवार को तीन घंटे की ओपीडी के बाद रुटीन में सुबह साढ़े 8 से दोपहर डेढ़ बजे तक ओपीडी में मरीजों का इलाज किया जाएगा। बुधवार को छुट्टी होने के कारण कम मरीजों के पहुंचने की संभावना है। अभी अंबेडकर अस्पताल के ओपीडी पंजीयन काउंटर में पर्ची बनाई जाएगी।
– डॉक्टर एस्कार्ट में बैठकर मरीजों का इलाज करेंगे। मंगलवार की शाम एस्कार्ट का मेन गेट बंद कर दिया गया। मरीजों को एस्कार्ट जाने के लिए मेनगेट के बजाय कैंसर विभाग की ओर से जाना होगा। वहां पहले से ही एस्कार्ट जाने के लिए गेट बना हुआ है। जब निजी अस्पताल का सामान यहां से चला जाएगा, तब मेनगेट को खोला जाएगा।
– भर्ती करने लायक हार्ट के मरीजों को पहले की तरह अंबेडकर अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। मंगलवार को निजी प्रबंधन को फर्नीचर व अन्य सामानों का 22 लाख रुपए भुगतान कर दिया गया। बाकी सात लाख का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। हैंडओवर कमेटी के अध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव व कार्डियक थोरेसिक व वेस्कुलर सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि ओपीडी की तैयारी पूरी कर ली गई है।
सर्जरी से पहले होगी भर्ती
हार्ट की बड़ी सर्जरी शुरू होने के पहले नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की जाएगी। ओटी टेबल व लाइट की व्यवस्था की जाएगी। ताकि खून की सप्लाई करने वाली नस आर्टरी व वेंस का ऑपरेशन किया जा सके। कार्डियोलॉजी में तीन व कार्डियक सर्जरी में दो डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि 15 जनवरी के बाद यहां मरीजों की भर्ती होने लगेगी। हार्ट के बड़े ऑपरेशन भी होने लगेंगे।
लगेंगी 25 करोड़ की मशीनें
– एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में नई मशीन लगाने के लिए फिलहाल 25 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तीन विभागों ने दिया है। मशीनों की खरीदी के लिए बैंक लोन लिया जाएगा। शासन के आदेश पर डीएमई कार्यालय ने प्रस्ताव भेज दिया गया है।
– हार्ट सेंटर में कार्डियोलॉजी के अलावा कार्डियक थोरेसिक व वेस्कुलर सर्जरी व एनीस्थिसिया विभाग रहेगा। इन तीनों विभागों को जरूरी मशीनों की जरूरत है।