प्रदेश में पहला प्रयोग : मशीनों से होगी सफाई, नई टेक्नालॉजी करेगी निगरानी

सफाई के क्षेत्र में बिलासपुर नगर निगम प्रदेश के अन्य शहरों से एक कदम आगे निकलने की तैयारी में है। अब मुख्य सड़कों की सफाई कर्मचारियों से कराने के बजाय आधुनिक मशीनों से कराई जाएगी। खास बात यह है कि इन मशीनों की निगरानी निगम के अधिकारियों के अलावा सेंट्रल सर्वर रूम भी करेगा। मशीन किस सड़क पर किस तरह सफाई कर रही है इसका पूरा डाटा तैयार होगा। निगम ने इस आधुनिक सफाई सिस्टम के लिए 36 करोड़ स्र्पए का टेंडर जारी कर दिया है। ठेकेदार को शुरुआत में पांच साल का वर्कआर्डर दिया जाएगा।

‘हैलो नईदुनिया कार्यक्रम” में लिंक रोड महिला ट्रेड सेंटर स्थित नईदुनिया के सिटी कार्यालय आए महापौर किशोर राय ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब् कराने के लिए निगम ने व्यापक तैयारी कर ली है। इस बार पुख्ता कार्ययोजना बनाई गई है। केवल सफाई की बात करें तो घर-घर से कचरा उठाने का काम शुरू हो चुका है। शुरुआती दौर में कुछ परेशानियां हैं जिसे चिन्हांकित कर व्यवस्था को लगातार बेहतर किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश में पहली बार मुख्य सड़काें की सफाई आधुनिक मशीन और जीआईएस निगरानी सिस्टम के जरिए कराने की योजना है। इसका टेंडर भी जारी कर दिया गया है।

महापौर ने बताया कि शहर की मुख्य सड़कों का अब चौड़ीकरण होना है। इसे इस तरह बनाया जाएगा कि वहां मशीनों से सफाई संभव हो सके। मशीन दिन में दो से तीन बार इन मुख्य सड़कों की सफाई करेगी। उन पर मैन्यूअल निगरानी तो निगम करेगा ही साथ ही सेंट्रल मानिटरिंग सिस्टम भी बनाया जाएगा। जहां से जीआईएस सिस्टम के जरिए इन मशीनों पर निगरानी रखी जाएगी। इस तरह दो चरणों में सफाई पर निगरानी हो सकेगी। इससे मुख्य सड़क पर कहीं भी गंदगी नजर नहीं आएगी। महानगरों और विदेशों में फिलहाल इस तरीके से सफाई हो रही है।

लागत पूरी ठेकेदार की

महापौर किशोर राय ने ‘हैलो नईदुनिया कार्यक्रम” में सफाई को लेकर आई शिकायत के बाद चर्चा में बताया कि निगम के कर्मचारी भारी और आधुनिक मशीनों का मेटेनेंस नहीं कर पाते हैं। इसे देखते हुए इस बार सफाई का जो ठेका हो रहा है उसमें स्वीपिंग मशीन भी ठेकेदार की होगी, कर्मचारी, ड्राइवर आदि सभी की व्यवस्था ठेकेदार को करनी होगी। ठेकेदार की लापरवाही मिली तो सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम ही उसकी पोल खोल देगा।