प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लिए समयबद्ध कार्यक्रम की रूपरेखा तय : रमन सिंह

मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
रायपुर – मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में `हमर छत्तीसगढ़` योजना के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने पत्रकारों को केबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने `हमर छत्तीसगढ़` योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के तहत राज्य के लगभग पौने दो लाख पंचायत प्रतिनिधियों और नगर पंचायतों के पार्षदों को अगले समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर अगले दो वर्ष तक राजधानी रायपुर और नया रायपुर का अध्ययन भ्रमण कराया जाएगा। उन्हें भिलाई इस्पात संयंत्र सहित प्रदेश के अन्य उद्योगों का भी दौरा कराया जाएगा। ये पंचायत प्रतिनिधि अपने गांव की मिट्टी, वहां का पानी और वहां की स्थानीय प्रजातियों के पौधे लाएंगे जिन्हें नया रायपुर के बॉटनिकल गार्डन में लगाया जाएगा। इससे नया रायपुर के साथ उनका और पूरे प्रदेशवासियों का भावनात्मक जुड़ाव होगा। उन्होंने बताया कि यह योजना एक जुलाई 2016 से शुरू की जाएगी। इसके अन्तर्गत प्रदेश की 10971 ग्राम पंचायतों के एक लाख 71 हजार निर्वाचित प्रतिनिधियों और 111 नगर पंचायतों के एक हजार 986 पार्षदों को अगले दो साल में छत्तीसगढ़ सरकार की विगत एक दशक की उपलब्धियों के बारे में बताया जाएगा। उन्हें प्रदेश में कृषि, उद्योग तथा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे विकास के बारे में रू-ब-रू कराया जाएगा। इन सभी जन-प्रतिनिधियों को अगले दो साल में रायपुर का भ्रमण कराया जाएगा। प्रत्येक दल में लगभग पांच सौ प्रतिभागीं होंगे। उनके भोजन और आवास की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 626 दिवस का कार्यक्रम बनाया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए एक जुलाई 2016 से 30 जून 2018 तक की समयावधि रखी है। प्रतिभागियों के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय नया रायपुर सांईंस सेंटर, बॉटनीकल गार्डन, मंत्रालय, विधान सभा, पुरखौती मुक्तांगन, ऊर्जा पार्क, शापिंग मॉल और फाईव डी सिनेमा स्थलों का भ्रमण प्रस्तावित है। इसके साथ ही कुछ प्रतिभागियों को भिलाई स्टील प्लांट का भी भ्रमण कराया जाएगा। प्रतिभागियों के लिए सायंकाल में राज्य होटल प्रबंधन संस्थान में संस्कृति विभाग के द्वारा सांस्कृति कार्यक्रम भी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमर छत्तीसगढ़` योजना के सफल क्रियान्वयन, समन्वय तथा समय-समय पर आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए राज्य स्तर निर्णय लेने के लिए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सशक्त समिति का गठन किया जाएगा। समिति में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सदस्य सचिव और प्रमुख सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग सचिव वित्त विभाग, सचिव स्वास्थ्य विभाग, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, सचिव जनसम्पर्क विभाग, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर तथा कलेक्टर रायपुर सदस्य होंगे।
आईआईटी भिलाई को नया रायपुर में नि:शुल्क जमीन ः डॉ. रमन सिंह ने बताया कि मंत्रिपरिषद में आज आई.आई.टी. भिलाई को इण्डस्ट्री इन्टरएक्शन सेन्टर और रिसर्च पार्क के लिए नया रायपुर के ग्राम बंजारी में दस एकड़ भूमि देने का भी निर्णय लिया गया। यह भूमि कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा आई.आई.टी. को नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. रमन सिंह ने यह भी बताया कि मंत्रिपरिषद ने आज की बैठक में प्रधान मंत्री उज्जवला योजना पर अमल के लिए कार्य योजना को भी अंतिम रूप दिया। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री श्री धमेन्द्र प्रधान के साथ रायपुर में इस महीने की सात तारीख को आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा केन्द्र की इस योजना में अपनी भागीदारी की पेश की जा चुकी है। मंत्रिपरिषद की आज की बैठक में इस योजना के लिए समयबद्ध कार्यक्रम की रूप रेखा तय की गई। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा (बी.पी.एल.) श्रेणी के 25 लाख परिवारों को घर की महिलाओं के नाम पर अगले दो साल में प्रति हितग्राही सिर्फ 200 रूपए लेकर गैस कनेक्शन दिया जाएगा।

उन्हे राज्य शासन द्वारा डबल बर्नर स्टोव और प्रथम रिफिल सिलेण्डर दिया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष 2016-17 में 10 लाख और अगले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 15 लाख हितग्राहियों को गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। योजना के दिशा-निर्देशों के निर्धारण तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सशक्त समिति का गठन किया जाएगा। समिति के सदस्यों में अपर मुख्यसचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग, प्रमुख सचिव वन, प्रमुख सचिव आवास पर्यावरण, सचिव वित्त विभाग, सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सचिव खनिज विभाग, सचिव श्रम विभाग, सचिव सहकारिता विभाग और राज्य स्तरीय समन्वयक, आइल मार्केटिंग कम्पनी शामिल रहेंगे। प्रदेश में प्राथमिक वनोंपज सहकारी समितियों/संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को एल.पी.जी. वितरक लायसेंस प्रदाय करने का प्रस्ताव भी केन्द्र शासन को भेजा जाएगा।

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