प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन के सदस्य हाईकोर्ट बार के बने रहेंगे मतदाता

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की चार सदस्यीय प्रशासनिक कमेटी ने हाईकोर्ट में जवाब पेश कर कहा है कि प्रैक्टिंसिंग हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों की बार एसोसिएशन में सदस्यता बरकार रहेगी। ये सभी मतदाता रहेंगे व चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार रहेगा। प्रशासनिक समिति के जवाब के बाद हाईकोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया है। इसके साथ ही दोनों एसोसिएशन के बीच बीते तीन महीने से जारी गतिरोध भी खत्म हो गया है।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद स्टेट बार कौंसिल ने चार सदस्यीय प्रशासनिक समिति का गठन किया गया था। समिति को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया पूरी करने निर्देशित किया था। समिति ने चुनाव अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही एसोसिएशन के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। अधिसूचना जारी करने के अलावा समिति ने प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों पर शिकंजा कसते हुए 80 पदाधिकारियों की सदस्यता को निलंबित कर दिया था । इसके अलावा इनको उद्घोषणा पत्र भरने की शर्त रख दी थी। समिति के इस निर्णय के खिलाफ प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व वकील सलीम काजी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद जस्टिस संजय अग्रवाल के सिंगल बेंच ने स्टेट बार कौंसिल द्वारा नियुक्त प्रशासनिक समिति के अलावा स्टेट बार कौंसिल को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा था। हाईकोर्ट ने नोटिस की तामिली के लिए हमदस्त नोटिस जारी किया था। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान स्टेट बार कौंसिल के वकील व प्रशासनिक समिति ने अपने जवाब में कहा कि प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों की मेंबरशिप निलंबित नहीं की गई है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के मौजूदा चुनाव में वे भाग ले सकते हैं। मतदाता के हैसियत से चुनाव में शामिल होने का उनका अधिकार रहेगा। स्टेट बार कौंसिल व प्रशासनिक समिति के जवाब के बाद हाईकोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया है। इसके साथ ही दोनों एसोसिएशन के बीच जारी विवाद की स्थिति भी समाप्त हो गई है।