फसल सर्वे में फर्जीवाड़ा, इस जिले में बढ़ गए 6 गांव

फसल सर्वे रिपोर्ट तैयार करने में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले में कुल 928 राजस्व ग्राम हैं। राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने 934 गांव की सर्वे रिपोर्ट राज्य शासन को सौंप दी है। विभाग के आला अधिकारियों ने जब गांव का मिलान किया तो सूची में 6 गांव ज्यादा मिले। नाराज राज्य शासन ने लापरवाही को लेकर नाराजगी जाहिर की है। शासन के कड़े पत्र के बाद प्रशासनिक अमलों में हड़कंप मच गया है।

नजरी अनावरी रिपोर्ट के आधार पर राज्य शासन ने जिले की सभी 8 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। अब फसल उत्पादन की रिपोर्ट आना शेष है। इसके पहले राज्य शासन ने प्रदेशभर से क्षेत्राच्छादन की रिपोर्ट मंगाई थी। इसके लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर तय की थी।

तय तिथि से दो दिन पहले 28 सितंबर को जिला प्रशासन ने जिले के फसल रकबा की सर्वे रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी थी। अधीक्षक भू अभिलेख के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में 928 गांव हैं जहां किसानों द्वारा खरीफ फसल में धान की खेती की जाती है।

लिहाजा इन्हीं गांव का फसल रकबा सर्वे करना था। क्षेत्राच्छादन के लिए जिला प्रशासन ने कृषि व राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की टीम बनाई थी। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी व संबंधित गांव के पटवारी द्वारा संयुक्त रूप से फसल रकबा वाले गांवों की रिपोर्ट तैयारी करनी थी।

सर्वे टीम ने 928 के बजाय 934 गांव को सूची में शामिल कर लिया है। राज्य शासन ने पत्र लिखकर पूछा है कि जिले में 6 गांव कहां से आ गए । रिपोर्ट तैयार करने में बरती गई लापरवाही को लेकर न केवल नाराजगी जताई है वरन यह भी पूछा है कि गंभीर मामले में इस तरह की गड़बड़ी किसने की है। रिपोर्ट का गंभीरता के साथ अध्ययन क्यों नहीं किया गया । इसे लेकर भी जवाब-तलब किया है।

वन ग्राम व डुबान वाले गांव को खोज नहीं पाए

जिले में 6 नए गांव बनाने वाले सर्वे टीम ने पहले से स्थित चार वन ग्राम व एक डुबान वाले गांव को खोज नहीं पाए हैं। मालूम हो कि नजरी अनावरी रिपोर्ट में जिले के 186 गांव को सूखा प्रभावित बताया है। इसमें सबसे ज्यादा कोटा ब्लॉक के 47 गांव को शामिल किया गया है। बीते वर्ष की तुलना इस साल 203 मिमी बारिश कम हुई है।

कृषि उत्पादन आयुक्त के निर्देश को नहीं लिया गंभीरता से

क्षेत्राच्छादन की रिपोर्ट बनाने से पहले कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह ने बिलासपुर व सरगुजा संभाग के आला अफसरों की बैठक में फसल रकबा सर्वे को गंभीरता के साथ करने और इसी आधार पर रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया था । रिपोर्ट बनाते वक्त बरती जाने वाली सावधानी को लेकर भी उन्होंने हिदायत दी थी। इसके बाद भी जिले के अमले ने रिपोर्ट बनाने में लापरवाही बरती है।

– क्षेत्राच्छादन रिपोर्ट बनाने में सर्वे टीम ने लापरवाही बरती है। शासन के निर्देशानुसार नए सिरे से सर्वे करने कहा गया है। इसके लिए 3 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। – केडी कुंजाम-अतिरिक्त कलेक्टर

– सर्वे टीम को मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करनी थी। जिले में कुल 928 गांव है। इससे ज्यादा गांव का सर्वे किस आधार पर कर दिया है समझ से परे है। बहरहाल जिले में बनाई गई पूरी टीम की रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। किसने गलती की,इसकी जानकारी ली जा रही है। – आरएस अहिरवार- उप संचालक,कृषि विभाग