फसल 10 हजार रु. से ज्यादा की तो एक रुपया भी कैश नहीं मिल रहा किसानों को

इंदौर .मंडी में उपज बेचने पर 50 हजार रुपए तक का भुगतान कैश में करने के नियम से किसान और उलझ गए हैं। उपज का मूल्य 10 हजार से कम है तो ही उन्हें कैश में भुगतान किया जा रहा है। फसल 15 हजार की है तो पूरी राशि आरटीजीएस के माध्यम से दी जा रही है। उधर, मप्र सकल अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ समिति द्वारा चीफ कमिश्नर इनकम टैक्स इंदौर रिजन को लिखे पत्र के जवाब में आयकर विभाग ने महासंघ को आईटी एक्ट के कैश भुगतान संबंधी नियमों की पूरी फोटो कॉपी भेज दी।
आयकर विभाग के इस पत्र के आने के बाद व्यापारी और खुलकर मप्र शासन के आदेश का विरोध करने लगे हैं।
– उन्होंने फिर कहा कि वह 10 हजार से ज्यादा का कैश भुगतान नहीं करेंगे। महासंघ के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल ने एक पत्र जारी कर कहा है कि सरकार के मंत्री और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी आरोप लगा रहे हैं कि व्यापारी गिरोह बनाकर किसानों को लूटते हैं, जबकि नोटबंदी और जीएसटी के बाद अनाज दलहन का आयात अधिक होने से स्थायी किसानों को उपज का दाम कम मिल रहा है।
– मंत्री और अधिकारियों के ऐसे बयान व्यापारियों को अपमानित कर रहे हैं। सरकार आयकर एक्ट को सरल बना दे तो किसानों को पूरी राशि कैश में देने को तैयार हैं, जैसा नोटबंदी से पहले करते थे। इंदौर अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष मनोज काला ने भी कहा कि 10 हजार से कम की उपज होगी, तभी कैश देंगे। आयकर विभाग ने नियम बताए हैं और यह हमारे लिए उलझन वाली बात है।
सौदा किया, लेकिन हाथ में पैसों की जगह पर्चियां
सोयाबीन बेची, पर एक रुपया भी हाथ में नहीं आया
– बिचौली हप्सी के धनीराम माली ने छावनी मंडी में 25 हजार की सोयाबीन बेची। यह राशि 50 हजार से कम थी। मंडी नियमों से कैश मिलना था, पर व्यापारियों के अनुसार 10 हजार से अधिक थी। इसलिए पूरा भुगतान आरटीजीएस से हुआ।
एक लाख रुपए का पूरा भुगतान आरटीजीएस से
– मुकुंदमद के रवि पाटीदार ने मंडी में 40 बोरी सोयाबीन का सौदा किया, जिसकी राशि एक लाख चार हजार हुई। किसान ने 50 हजार कैश मांगे, लेकिन व्यापारी ने मना कर दिया और पूरी राशि आरटीजीएस से दी।
22 बोरी गेहूं बेचने के बदले नकद में कुछ नहीं मिल सका
– ये हैं बिचौली मर्दाना निवासी अंतरसिंह बहादुर सिंह। इन्होंने मंडी में 22 बोरी गेहूं बेचा। सौदा राशि 41 हजार 826 रुपए हुई, लेकिन व्यापारी ने नकद में एक रुपया भी नहीं दिया।
चार बोरी सोयाबीन बेची, इसलिए मिल गए 9860
– सिवनी गांव की कृष्णा ठाकुर ने चार बोरी गेहूं का सौदा किया। इसकी राशि 9860 रुपए हुई। व्यापारी ने उन्हें कैश में भुगतान किया क्योंकि राशि दस हजार रुपए से कम थी।