फ्रांस में मिले खुदाई के दौरान भारतीय सैनिको के अवशेष

फ्रांस में खुदाई के दौरान मिले दो जवानों के अवशेष इन भारतीय सैनिकों के हैं। फ्रांस से मिली जानकारी के आधार पर इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि वे सैनिक भारत के ही हैं। साथ ही भारत सरकार को सैनिकों की शिनाख्त के लिए भी बुलाया है।
जानकारी के मुताबिक, फ्रांस में जो अवशेष मिले हैं वे 39 गढ़वाल राइफल्स के दो सैनिकों के अवशेष मिले हैं। दोनों अवशेषों के कंधों पर 39 अंकित (टाइटल शोल्डर) हैं। इसी आधार पर फ्रांस सरकार ने भारत सरकार को शिनाख्त के लिए बुलावा भेजा है। सूचना मिलते ही लैंसडौन जीआरआरसी से सैन्य अधिकारियों का एक दल फ्रांस रवाना हो गया है।
गढ़वाल राइफल्स के एडज्यूटेंट ले. कर्नल रितेश राय ने फ्रांस सरकार की ओर से मिली जानकारी के हवाले से बताया कि फ्रांस में रिंचेबर्ग नामक स्थान पर खुदाई के दौरान कुछ अवशेष मिले हैं। ये अवशेष चार सैनिकों के हैं।
इसमें दो गढ़वाली सैनिक, एक जर्मन और एक ब्रिटिश सैनिक के अवशेष हैं। अवशेषों की जांच में पता चला है कि टाइटल शोल्डर गढ़वाल राइफल्स के हैं। अवशेषों की पहचान के लिए और शहीद हुए इन सैनिकों को श्रद्धाजंलि देने के लिए फ्रांस सरकार ने भारत के एक प्रतिनिधिमंडल को फ्रांस आने के लिए आमंत्रित किया है।

गढ़वाल राइफल्स के कमान अधिकारी ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी के नेतृत्व में चार सैन्य अधिकारियों और सैनिकों की टीम फ्रांस जाकर इन दोनों भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी।

फ्रांस सरकार के प्रतिनिधि पॉल बर्ड की ओर से दी गई सूचना में बताया गया है कि दोनों भारतीय जवानों के कंधे पर 39 लिखा है। इससे मालूम होता है कि ये दोनों जवान 39 गढ़वाल राइफल्स से संबंध रखते हैं। ये सभी अवशेष लेवेन्टी सैन्य कब्रिस्तान से 11 किमी दूर उत्तर में पाए गए हैं।

गढ़वाल राइफल्स के समादेशक ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी, केंद्र के सूबेदार मेजर त्रिलोक सिंह और दो सैनिक फ्रांस के लिए रवाना हो गए हैं, जो दोनों अवशेषों की शिनाख्त के साथ ही उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित करेंगे। बताया जा रहा है कि प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजों की ओर से जर्मन के खिलाफ युद्ध लड़ने गए 39 गढ़वाल राइफल्स के जवान फ्रांस भेजे गए थे।