फ्रॉड के बढ़ते मामलों से खतरे में देश की अर्थव्यवस्‍था…..

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से की गई छापेमारियों और दर्ज किए गए मामलों को लेकर बड़ी हकीकत सामने आई है, ईडी द्वारा दर्ज किए गए मामलों में करीब 74 फीसदी सिर्फ फ्रॉड और करप्शन से जुड़े हैं। इन आकंड़े ने ईडी की परेशानी बड़ा दी हे , क्योंकि ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।  ईडी ने साल 2016 से 2017 के बीच दर्ज किए मामलों पर शोध किया है और इसमें पाया कि फ्रॉड और धोखाधड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़े खतरे की तरह हैं। फ्रॉड का एक तरीका यह है कि बैंकिंग सेक्टर में शेल कंपनियों का उपयोग करके धन प्रेषण किया जाता है। ऐसी गतिविधियों को ही मनी लॉन्ड्रिंग कहा जाता है।