बच्ची बोली, चाचा जान से मारने की धमकी देता था, बुआ ने कहा था चुप रहो

सात माह से अपनों के शोषण का शिकार हो रही बच्ची अभी भी सदमे में है। रविवार होने की वजह से बच्ची का तीसरे दिन भी मेडिकल नहीं हो सका। शुरुआती दौर की काउंसलिंग में उसने बताया है कि चाचा ने धमकी दी थी कि दुष्कर्म वाली बात किसी को बताई तो वो जान से मार देंगे। बच्ची ने जब अपनी बुआ को इस बारे में बताया, तो उन्होंने भी चुप रहने को कहा।

छोला मंदिर पुलिस ने 13 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने बच्ची के चाचा और उसके बेटे की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। केस दर्ज होने की भनक लगते ही दोनों फरार हो गए हैं।

उधर, बच्ची से दुष्कर्म करने वाला तीसरा आरोपी बहनोई विदिशा स्थित अपने घर से लापता हो गया है। पुलिस के मुताबिक सात माह पहले बच्ची के पिता की मौत के बाद चाचा अपनी मासूम भतीजी के साथ दुष्कर्म करने लगा था। जब हैवानियत का सिलसिला नहीं थमा तो वह विदिशा जिले में रहने वाली अपनी बहन के घर चली गई, वहां उसके बहनोई ने भी उसे हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया।

वह धमकी देता था कि यदि इस बारे में किसी को बताया, तो वह उसकी बहन को घर से निकाल देगा। उसके चंगुल से छूटकर वह किसी तरह फिर से करोंद स्थित अपने घर आ गई। जिसके बाद 24 सितंबर को उसके चचेरे भाई ने भी उसके साथ दुष्कर्म कर डाला। उसके लिए नर्क से भी बदतर बन चुके घर से भागकर वह 28 सितंबर को विदिशा पहुंची और कोतवाली थाने में आपबीती सुनाई।

तीनों फरार आरोपियों को तलाश रही है पुलिस

पुलिस ने जीरो पर पोक्सो और दुष्कर्म की धाराओं के तहत केस दर्ज कर डायरी छोला मंदिर थाने भेज दी। बच्ची चाइल्ड लाइन की अभिरक्षा में नेहरू नगर स्थित बालिका गृह में है। खेलने की उम्र में अपनों की हैवानियत की शिकार बनी बच्ची बुरी तरह सहमी हुई है।

अन्य बच्चियों के साथ रहकर वह सामान्य होने की कोशिश कर रही है। शुरुआती काउंसलिंग में उसने बताया है कि उसने विदिशा में रहने वाली बुआ को घटना के बारे में बताया था, तो उन्होंने चुप रहने को कह दिया था। चाचा उसे जान से मारने की धमकी देकर गलत काम करता था। पुलिस इस मामले में लक्ष्मणसिंह उसके बेटे पंकज और एक अन्य आरोपी राजवीरसिंह को तलाश रही है।