बदमाशों का सॉफ्ट टारगेट हैं यहां की ट्रेनें, गुजरते वक्‍त रहें सावधान

भोपाल के आसपास बीते 22 दिन में बदमाशों ने दो ट्रेनों में यात्रियों के साथ मारपीट की। उन्हें कट्टे और हथियार के दम पर लूटा। आगे ट्रेनों में बदमाश कब धावा बोल दे, यह कह नहीं सकते। क्योंकि ट्रेनों में लूट और चोरी करना बदमाशों के लिए काफी आसान हो गया है। इसी का नतीजा है कि बदमाश भोपाल के आसपास ऐसी घटनाओं को अंजाम देने ट्रेनों को साफ्ट टॉरगेट बना रहे है। लेकिन घटनाओं से निपटने जीआरपी और आरपीएफ के पास एक ही जवाब है, सभी ट्रेनों में जवान तैनात नहीं कर सकते।

बता दें कि 7 और 8 सितंबर की दरम्यिानी रात भोपाल से बीना की तरफ जा रही कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की जनरल बोगी में चार बदमाशों ने यात्रियों को लूटा था। यह घटना भोपाल से विदिशा के बीच हुई। इस घटना के महज 22 दिन बाद 29 व 30 सितंबर की दरम्यिानी रात कामायनी एक्सप्रेस की जनरल बोगी में फिर तीन बदमाशों ने मंडीदीप से औबेदुल्लागंज के बीच यात्रियों को निशाना बनाया।

हथियार के दम पर डराया- धमकाया, मारपीट की और मोबाइल व रुपए लूट लिए। दोनों ही घटनाएं भोपाल से 50 किलोमीटर के दायरे में हुई। खास बात यह है कि जिन दोनों ही ट्रेनों में यात्रियों के साथ मारपीट व लूट की गई, उनमें जीआरपी और आरपीएफ के एक भी जवान तैनात नहीं थे। इतना ही नहीं इन ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर भी चेक नहीं किया गया। कुल मिलाकर बदमाश बेखौफ होकर ट्रेनों को लूट, चोरी के लिए टारगेट बना रहे हैं। लेकिन इन घटनाओं से निपटने के लिए रेलवे, जीआरपी और आरपीएफ के पास कोई प्लान नहीं है।

ट्रेनों को साफ्ट टॉरगेट बनाने की ये तीन वजह

1- इटारसी से भोपाल के बीच चौबीस घंटे में 170 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें से 20 फीसदी ट्रेनों को छोड़ दिया जाए तो बाकी की ट्रेनों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। यह बात बदमाशों को मालूम है। इसी के चलते वे घटनाओं को अंजाम देते हैं।

2- भोपाल से इटारसी और भोपाल से बीना के बीच रेल लाइन का ज्यादातर हिस्सा सड़क के किनारे से जाता है। इसलिए बदमाशों के लिए ट्रेनों में घटनाओं को अंजाम देने के बाद भागना आसान है।

3- लंबी दूरी की ट्रेनों में जीआरपी व आरपीएफ की टीमें गश्ती नहीं करती। इसका फायदा बदमाश उठाते हैं।

सभी ट्रेनों में गश्ती नहीं करा सकते

सभी ट्रेनों में गश्ती करना संभव नहीं है। फिर भी सुरक्षा को लेकर सभी सावधानियां बरत रहे हैं। जिस ट्रेन में लूट हुई है वह लंबी दूरी की थी इसलिए उसमें गश्ती टीमें नहीं थी।

– बीके मीणा, असिस्टेंट कमांडेंट, आरपीएफ

ट्रेनों में लूट करना बदमाशों के लिए आसान

आज कल ट्रेनों में लूट, चोरी करना बदमाशों के लिए आसान हो गया है। ऐसी घटनाओं को रोकने के प्रयास कर रहे हैं। बदमाश उन्हीं ट्रेनों को निशाना बना रहे हैं जिनमें गश्ती टीमें नहीं चलती। नए सिरे से सुरक्षा व्यवस्था अपडेट करेंगे। सभी ट्रेनों में गश्ती टीमें लगाना संभव नहीं हैं।

– अनीता मालवीय, रेल एसपी